मॉल सिनेमा मंदिर संग्रहालय बंद, पर उदयपुर प्रशाषन ने पर्यटकों की नावें नहीं की बंद !
राजस्थान में कोरोना को लेकर सरकार सख्त होती जा रही हैं ।इसी क्रम में आज जयपुर में सीएम आवास पर आयोजित मीटिंग की अध्यक्षता मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीटिंग में कोरोनावायरस को लेकर प्रदेश के सभी सार्वजनिक स्थानों पर 50 से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी लगाने के निर्देश दे दिए।सभी पर्यटन स्थलों ऐतिहासिक इमारतों, किलो,संग्रहालयो ,सार्वजनिक मेलो ,पशु मेला, पार्क, खेल मैदान में लोगों को के इकट्ठा होने की पाबंदी 31 मार्च तक लागू रहेगी और उसके बाद स्थिति की समीक्षा कर इस पर निर्णय लिया जाएगा।
लेकिन उदयपुर प्रशाशन अभी भी कई मामलों में ढिलाई बरत रहा है और नगर निगम उदयपुर द्वारा पीछोला में और नगर विकास प्रन्यास द्वारा फतहसागर में अभी भी नाव संचालन किया जा रहा है।इसके साथ ही HRH ग्रुप द्वारा अभी भी पर्यटक भीड़ में नाव संचालन का मजा ले रहे है। आपको बताते चले कि पर्यटकों द्वारा ही पुरे विश्व में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमण फैला है और उदयपुर एक पर्यटक नगरी है। यहाँ अगर हम छोटी सी चूक करेंगे तो इसके गंभीर परिणाम न केवल उदयपुर बल्कि समूचे राजस्थान के साथ भारत को भुगतने पड सकते है।
आपको बताते चले कि उदयपुर की झीलों का पानी उदयपुर की जनता के पीने के काम आता है और यदि यहाँ की झीलें और पोखर किसी पर्यटक द्वारा प्रदूषित होते है तो एक दो दिन में ही ये वायरस समूचे उदयपुर को महामारी की चपेट में आ सकते है।
उदयपुर प्रशाषन से आशा की जाती है कि सरकार के आदेश और कोरोना महामारी को देखते हुए तुरंत उदयपुर की झीलों में नाव संचालन पर रोक लगाकर उदयपुर की जनता को सुरक्षित करे।