थाना परिसर से जब्त वाहन के टायर हुए चोरी, RTI में दिए पुलिस ने गोल मोल जवाब
राजस्थान पुलिस के थाने ही अब सुरक्षित नहीं रह गए है। थानों के बाहर पड़े जब्त किए गए वाहनों से ही अब चोरियों की शिकायतें आ रही है।
ऐसा ही एक वाक्या उदयपुर निवासी नरेंद्र कुमार के साथ घटित हुआ है। नरेंद्र कुमार अपनी पुत्री व पारिवारिक मित्र के साथ कार द्वारा अहमदाबाद जाते वक्त बिच्छीवाड़ा में गंभीर दुर्घटना ग्रस्त हो गए थे। वाहन उमेश जोशी नामक व्यक्ति चला रहे थे।
पुलिस अनुसंधान की प्रक्रिया में बिच्छीवाड़ा के तत्कालीन ASI अंसार अहमद ने उदयपुर आकर नरेन्द्र कुमार व उनकी पुत्री के बयान स्वयं हस्तलिखित कर हस्ताक्षर करवाये, लेकिन जब वाहन के क्लेम की प्रक्रिया आगे बढ़ी तो ज्ञात हुआ कि कोर्ट में पुलिस द्वारा प्रस्तुत चालान में कंप्यूटर द्वारा प्रिंटेड हस्ताक्षर रहित बयान पेश किये गए जिसमे पीड़ित नरेंद्र कुमार को ही वाहन चालक बता दिया था।
अनुसंधान में जानबूझकर की गई इस गलती के कारण पुलिस महानिदेशक जयपुर को भी शिकायत दर्ज करवाई गई। अनुसंधान और बिछीवाड़ा थाने से संबंधित सूचना RTI द्वारा माँगे जाने पर गोलमाल जवाब दिए गए।
पुलिस ने बदल दिए बयान !
सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि नरेन्द्र कुमार व उनकी पुत्री न तो दुर्घटना के बाद कभी बिच्छीवाड़ा गए और न ही अनुसंधान अधिकारी उदयपुर कंप्यूटर प्रिंटर साथ लाये तो फिर हस्तलिखित हस्ताक्षर युक्त बयान कहा गए ? इसकी सूचना देने की जगह गोल माल जवाब दिया।
नहीं दी रोजनामचे की प्रति !
दुर्घटना दिनाँक के रोजनामचे की प्रति माँगे जाने पर भ्रामक जवाब दिए गए ।
कार के टायर सहित अन्य पार्ट्स हुए गायब !
दुर्घटना के बाद से ही वाहन बिच्छीवाड़ा थाने में था, लेकिन जब मालिक ने वाहन थाने से प्राप्त किया, तब वाहन के अगले टायर व अन्य सामान गायब था जिसके फ़ोटो और वीडियो प्रस्तुत किये गए, लेकिन RTI के जवाब में वाहन का रिकॉर्ड मालखाने में दर्ज ही नही होना बताया गया, जबकि वाहन प्राप्ति के समय थाने के कार्मिक द्वारा वाहन प्राप्त करते समय प्राप्ति रसीद पर भी हस्ताक्षर करवाये गए थे, जिससे स्पष्ट है कि चोरी के प्रमाण होने पर भी टालमटोल किया गया।
थाने की चारदीवारी नही तो कंपाउंड में पड़े वाहनों की कैसे होगी सुरक्षा ?
चारदीवारी के संबंध में RTI के जवाब में बताया गया कि NH 8 में भूमि अवाप्त होने के कारण चारदीवारी टूट गई थी । लेकिन RTI में सूचना चारदीवारी के निर्माण वर्ष और लागत संबंधी चाही गई थी ,जो नही दी गई। स्पष्ट है कि थाने की जमीन की चारदीवारी नही होने से जब्त अथवा पकड़ा गया सामान सुरक्षित नहीं रहता है।
सूचना में यह भी झूठ बोला गया कि पुलिस थाना सीमा से कोई सामान चोरी नहीं हुआ जबकि अल्टो कार के प्रस्तुत किये गए फ़ोटो से साफ नजर आ रहा है कि टायर समेत अन्य सामान चोरी हुए है।
स्पष्ट है कि थाने में पड़े वाहनों की सुरक्षा भी नही हो रही।
पत्रकार : जयवंत भैरविया

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