शहरी क्षेत्र मेेें अवैद्य खनन रोक के लिए यूडीएच से समन्वय बनाकर हल खोजा जाएगा,- माइंस, पेट्रोलियम एवं गोपालन मंत्री
जयपुर, 27 जून। माइंस, पेट्रोलियम एवं गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया ने कहा है कि शहरी क्षेत्र के आसपास अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगा कर वैध खनन की राह प्रशस्त की जाएगी। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों खासतौर से अजमेर, बीकानेर, जोधपुर, जयपुर और भीलवाड़ा के शहरी क्षेत्र के आसपास जारी अवैध खनन गतिविधियाें पर रोक लगाकर वैध खनन के लिए शहरी विकास विभाग के साथ समन्वय बनाते हुए स्थाई हल निकाला जाएगा।
माइंस, पेट्रोलियम एवं गोपालन मंत्री श्री भाया ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 22 जून को विभाग की गतिविधियाें की समीक्षा के दौरान दिए गए निर्देशों के क्रम में विभाग एक्शन मोड में आ गया है और अवैध खनन व परिवहन पर रोक, राजस्व बढ़ाने, खनिजों की खोज, खनन व दोहन कार्य को गति देने की कार्य योजना तैयार की जा रही है वहीं प्रस्तावित खनिज नीति में अन्य वर्गो के आरक्षण के साथ ही युवा टेक्नोक्रेटों की भागीदारी तय करने के प्रावधान करने के निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने बताया कि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पिछले शुक्रवार को ही जयपुर में आयोजित बैठक में विस्तार से चर्चा कर आवश्यक कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वयन को कहा गया है।
माइंस मंत्री भाया ने बताया कि शहरी क्षेत्र के आसपास के क्षेत्रों में अवैध खनन जारी रहने से जहां एक और अवैध खनन गतिविधियां जारी है वहीं सरकार को राजस्व की भी हानि हो रही है। इसके अलावा इन क्षेत्रों में खनन व परिवहन से अमाजन को असुविधा हो रही हैं। ऎसे में इन क्षेत्रों को चिन्हित करने, इन शहरों के मास्टर प्लान का अध्ययन कर शहरी विकास विभाग के साथ संयुक्त बैठक कर हल खोजा जाएगा।
उन्होंने बताया कि विभाग के पुनर्गठन के प्रस्ताव तैयार करवाए जा रहे हैं वहीं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि विजिलेंस व ड्रिलिंग विंग को सशक्त बनाया जा सके। उन्होेंने कहा कि खनन पट्टाधारकों को खनन कार्य में सुरक्षा मानकों की सख्ती से पालना के निर्देश दिए गए हैं। सिलिकोसिस जैसी बीमारी से बचाने के लिए अवेयरनेस कार्यक्रम के साथ ही जागरुकता अभियान में गैरसरकारी संगठनों की सहभागिता भी तय की जाएगी।
भाया ने बताया किकेन्द्र सरकार के वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की स्वीकृति के साथ ही बंशी पहाड़पुर में खनन ब्लॉक तैयार कर इनके ऑक्शन की राह प्रशस्त हो गई है। इससे क्षेत्र में वैध खनन हो सकेगा वहीं राम मंदिर के लिए सेंड स्टोन वैध तरीके से खनन के माध्यम से उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने बताया कि इसी तर्ज पर इस तरह के अन्य क्षेत्रों को चिन्हित कर वन भूमि से डायवर्जन कराने के प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि प्रस्तावित खनिज नीति को अंतिम रुप देने के निर्देश दे दिए गए हैं वहीं विभाग के पुनर्गठन प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग को भेजे जाएंगे।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री गहलोत की मंशा और निर्देशों के अनुसार खनन अंवेषण को गति दी जाएगी और नए ब्लॉक तैयार कर उनके ई प्लेटफार्म पर ऑक्शन की तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि पहली बार 8 ब्लॉकों का सफल ऑक्शन हुआ हैं और अन्य ब्लॉक तेजी से विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। कोरोना लॉकडाउन के बावजूद राज्य में कोरोना प्रोटोकाल की पालना कराते हुए खनन गतिविधियां जारी रखी गई और अप्रेल-मई में 2019 के सामान्य वर्ष के अप्रेल-मई माह से भी अधिक राजस्व अर्जित किया है। उन्होंने कहा कि राजस्व छिजत रोकने और आय बढ़ाने के समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं।
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