क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के खिलाफ पंजीकृत केसों की समयबद्ध होगी समीक्षा
जयपुर, 4 अक्टूबर। प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता एवं कृषि दिनेश कुमार ने कहा कि क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के खिलाफ जितने केस पंजीकृत हुए है, उनकी समयबद्ध समीक्षा विजिलेंस समिति द्वारा की जाए ताकि धोखाधड़ी करने वाली क्रेडिट सोसायटियों के खिलाफ की जा रही कार्यवाही को आगे बढ़ाया जा सके।
कुमार सोमवार को कृषि पंत भवन में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विजिलेंस समिति की नियमित रूप से बैठक आयोजित की जाए एवं क्रेडिट सोसायटियों के खिलाफ इस्तगासा दायर करने में तेजी लाई जाए।
उन्होंने कहा कि धारा-55 के तहत लंबित जांचों की मॉनिटरिंग के लिए सिस्टम विकसित किया जाए तथा पोर्टल के माध्यम से धारा-55 की जांच को सुनिश्चित किया जाए। इस पर रजिस्ट्रार मुक्तानंद अग्रवाल ने कहा कि पोर्टल पर डेटा अपलोड किया जा रहा है। शीघ्र ही इसको उपयोग में लिया जाएगा।
दिनेश कुमार ने कहा कि फसल खरीद में पारदर्शिता बनी रहे एवं पात्र किसान को इसका लाभ मिले। इसके लिए कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि फसल खराबे के मुआवजे एवं संबंधित क्षेत्र के फसल खराबे की सूचना राजफैड को भिजवाई जाए।
रजिस्ट्रार सहकारिता मुक्तानंद अग्रवाल ने विभागीय कार्यकलापों का प्रस्तुतीकरण देते हुए प्रमुख शासन सचिव को पेक्स कम्प्यूटराईजेशन, संस्था पंजीयन एक्ट, व्यवस्थापकों से संबंधित लंबित कैडर, ग्राम सेवा सहकारी समितियों में चुनाव, नवीन ग्राम सेवा सहकारी समितियों के लिए जिला कलेक्टर के माध्यम से 1500 वर्गगज से अधिक भूमि आवंटन संबंधी विषयों पर शीघ्र क्रियान्वयन का आग्रह किया। बैठक में राईसेम से संबंधित गतिविािधयों पर निदेशक राईसेम श्रीमती शिल्पी पाण्डे ने प्रस्तुतीकरण दिया।
बैठक में संयुक्त शासन सचिव नारायण सिंह, उप शासन सचिव, बालूराम, अतिरिक्त रजिस्ट्रार प्रथम जी.एल. स्वामी, वित्तीय सलाहकार सुरेश चन्द, सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण के निर्वाचन प्राधिकारी राजीव लोचन शर्मा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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