तिलम संघ की राजफैड़ में विलय की प्रक्रिया होगी शुरू !
जयपुर, 8 अक्टूबर: सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने कहा कि तिलम संघ को राजफैड में विलय करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। तिलम संघ वर्तमान में लगभग 167 करोड़ रुपये के घाटे में है तथा लगभग 151 करोड़ रुपये की देनदारिया है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के ढांचे को मजबूत करने की दिशा में यह कदम उठाया जा रहा है।
आंजना गुरूवार को शासन सचिवालय में तिलम संघ के राजफैड में विलय को लेकर हुई बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 1991 से पहले तिलम संघ राजफैड का ही अंग था लेकिन विश्व बैंक की शर्तो के आधार पर 1991 में राजफैड से अलग कर तिलम संघ की स्थापना की गई थी तथा वर्ष 2008 से तिलम संघ के तीनों उत्पादन संयत्र (कोटा, श्रीगंगानगर एवं फतेहनगर) बंद है। इन संयत्रों की मशीनरी भी पुरानी हो चुकी है।

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सहकारिता मंत्री ने कहा कि तिलम संघ के राजफैड में विलय से राजफैड को भी फायदा होगा तथा राजफैड में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के रिक्त पदों की भी पूर्ति हो जाएगी। उन्होंने कहा कि तिलम संघ के पास बाजार दर से लगभग 500 करोड़ की संपत्तियां है, जो राजफैड़ में तिलम संघ के विलय होने पर राजफैड के पास आ जाएगी।
आंजना ने निर्देश दिए कि तिलम संघ के राजफैड़ में विलय की प्रक्रिया को नियमानुसार किया जाए। तिलम संघ में वर्तमान में 113 कार्मिक कार्यरत है। जिनमें से 40 कार्मिक अगले वर्ष सेवानिवृत हो रहे है। तिलम संघ के विलय होने पर 89 कार्मिक राजफैड में समायोजित होंगे। प्रारंभ में बैठक के समक्ष तिलम संघ की वस्तुस्थिति पर प्रबंध निदेशक तिलम संघ श्री राधेश्याम मीणा ने जानकारी दी।
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