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Current News / शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण, समाज निर्माण के लिए आवश्यक - विधानसभा अध्यक्ष, अजमेर जिले की राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय घी मंडी नागफणी में 45 लाख रुपये की लागत से नए कक्षा-कक्षों का शिलान्यास

शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण, समाज निर्माण के लिए आवश्यक - विधानसभा अध्यक्ष, अजमेर जिले की राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय घी मंडी नागफणी में 45 लाख रुपये की लागत से नए कक्षा-कक्षों का शिलान्यास
Dinesh Bhatt June 16, 2026 10:38 PM IST
जयपुर, 16 जून। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने मंगलवार को अजमेर जिले की राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय घी मंडी नागफणी में 45 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले नवीन कक्षा-कक्षों का शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शिक्षक की भूमिका तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया।
 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि किसी भी राष्ट्र और समाज के निर्माण में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा ही नहीं देता, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य को भी आकार देता है। इसलिए शिक्षकों का दायित्व अत्यंत महत्वपूर्ण और व्यापक है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त एवं गुणवत्तापूर्ण आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होना आवश्यक है, ताकि उन्हें बेहतर शिक्षण वातावरण प्राप्त हो सके।
 
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार एवं विकास के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यालयों में भवन, कक्षा-कक्ष, प्रयोगशालाएं, खेल सुविधाएं तथा अन्य आवश्यक संसाधनों के विकास के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य किए जा रहे हैं। विद्यालय में बनने वाले नए कक्षा-कक्ष विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन वातावरण प्रदान करेंगे तथा विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाएंगे।
 
श्री देवनानी ने शिक्षकों से निष्ठा, समर्पण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि किसी भी विद्यालय के परीक्षा परिणाम उसके प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों की कार्यशैली और प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष प्रमाण होते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक समय की पाबंदी को प्राथमिकता दें तथा नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित होकर विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास पर ध्यान केंद्रित करें। पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों को अतिरिक्त सहयोग प्रदान कर उन्हें मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जाए, वहीं उत्कृष्ट विद्यार्थियों की प्रतिभा को और अधिक निखारने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।
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