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Current News / भारतीय सांख्यिकी सेवा (आईएसएस) के 2024 और 2025 बैच के परिवीक्षार्थियों के साथ उपराष्ट्रपति की बातचीत का मूल पाठ (अंश)

भारतीय सांख्यिकी सेवा (आईएसएस) के 2024 और 2025 बैच के परिवीक्षार्थियों के साथ उपराष्ट्रपति की बातचीत का मूल पाठ (अंश)
Dinesh Bhatt May 29, 2025 08:49 PM IST

आप सभी को नमस्कार।

मेरी पत्नी और मेरे लिए आपके साथ रहना समय का सर्वोत्तम उपयोग है। इसलिए हम आपके इस विश्वास, प्रसन्नता और हमें यह आश्वासन देने के लिए कि भारत का भविष्य उज्ज्वल है, आपकी अनुग्रहपूर्ण उपस्थिति के लिए आभारी हैं।

डॉ. सौरभ गर्ग, एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी, एक महत्वपूर्ण मंत्रालय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के सचिव एक ऐसे व्यक्ति है जो नवाचार को पसंद करते हैं, नए क्षेत्रों में व्यवस्थित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ते हैं और मुझे यकीन है कि उनके नेतृत्व में यह बहुत महत्वपूर्ण मंत्रालय, जो इस मोड़ पर बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, राष्ट्र को ऐसी नीतियां विकसित करने में मदद करेगा जो इस देश भारत को, जिसमें दुनिया की आबादी का छठा हिस्सा रहता है, यदि पहले नहीं तो 2047 तक, विकसित भारत का दर्जा दिला सके।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के महानिदेशक श्री पी.आर. मेश्राम की भी उतनी ही महत्वपूर्ण भूमिका है। मंत्रालय के अधिकारीगण, भारतीय सांख्यिकी सेवा के प्रोबेशनर्स बैच 2024 और 2025, आप अमृत काल से जुड़े एक बहुत ही महत्वपूर्ण बैच कहे जाएंगे, भारतीय संविधान को अपनाने के 75वें समारोह से जुड़े हुए हैं, और इसलिए मैं इस पद पर रहते हुए, आप सभी के साथ अपने विचार साझा करना अपने आप में सौभाग्य की बात मानता हूं।

मुझे सबसे पहले एंकर रिया का उल्लेख करना चाहिए। उनकी हमेशा एक बड़ी भूमिका रहेगी और सोनिया मिश्रा और मृदुल माहेश्वरी, जो क्रमशः 2024 बैच के प्रोबेशनर्स और 2025 बैच के प्रोबेशनर्स हैं, बहुत ही स्पष्ट रूप से अपनी बात कह रहे थे। एक अंग्रेजी में, दूसरी हिंदी में।

सबसे पहले मैं आपको कुछ बहुत महत्वपूर्ण बात बताना चाहता हूं। भाषाओं के मामले में भारत दुनिया में एक अलग स्थान पर है। हमारे पास कई भाषाएँ हैं जिन पर हमें गर्व है। तमिल, तेलुगु, कन्नड़, बांग्ला, संस्कृत, हिंदी, सहित कई भाषाएं हैं, उनमें से आठ शास्त्रीय भाषाएं हैं। हमारी भाषाएं एकता पैदा करती हैं। उनमें से कुछ का वैश्विक प्रभाव है। उनका साहित्य ज्ञान की खान है। हमारी समावेशिता हमारी भाषाओं में झलकती है और अगर आप संवैधानिक योजना पर जाएं, तो संविधान में यह प्रावधान है कि आधिकारिक काम के लिए अंग्रेजी भाषा के उपयोग में क्रमिक कमी आएगी और हिंदी के लिए भी इसी तरह की क्रमिक  होगी।

हमारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति मातृभाषा को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है। चिकित्सा और इंजीनियरिंग जैसे तकनीकी विषयों की शिक्षा अब स्थानीय भाषा में दी जा रही है। हमारी भाषाएँ हमारी रीढ़ की हड्डी हैं। हमारी भाषाएँ कभी भी विभाजन का स्रोत नहीं हो सकतीं। हमारी भाषाएँ एकता की शक्ति हैं। मैं देश के सभी लोगों से अपील करता हूँ कि वे हमारे राष्ट्र के इस मौलिक सांस्कृतिक पहलू के प्रति सकारात्मक प्रेरणा के साथ एक सुखद दृष्टिकोण अपनाएँ। यदि आप इस देश के किसी भी हिस्से में जाते हैं, तो उस विशेष क्षेत्र की भाषा मधुर और प्रभावशाली होती है और यही कारण है कि आप पाएंगे कि हाल के दिनों में विशेष रूप से विभिन्न भाषाओं के विद्वानों को मान्यता दी गई है। उनमें से कई विद्वान हमारे प्रोबेशनर्स में भी हैं।

मैं ताशिका को अच्छे कारण से याद करता हूँ। वह सिद्धार्थ की बेटी है , जो राज्य सभा सचिवालय की महत्वपूर्ण मदद कर रहा है, लेकिन उससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि वह एक कार्यक्रम में मदद कर रहा है, जिसे मेरे कार्यकाल के दौरान राज्य सभा सचिवालय ने शुरू किया था, जिसे राज्य सभा इंटर्नशिप कार्यक्रम कहते हैं।

मेरे नौजवान, मुझे प्रोबेशनर्स से मिलकर बहुत प्रसन्नता हो रही है। वे कई सेवाओं से आए हैं। एक समय था जब कुछ सेवाओं को प्राथमिकता दी जाती थी और कुछ सेवाओं को इतनी मान्यता नहीं दी जाती थी। लेकिन अब मैं पाता हूँ कि सभी सेवाएं सार्वजनिक स्थानों पर हैं और समान रूप से योगदान दे रही हैं। आप एक ऐसी नौकरशाही का हिस्सा होने पर गर्व महसूस कर सकते हैं जो 1.4 बिलियन की आबादी को प्रेरित करेगी और इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यह आबादी विश्व में सबसे पुराने, सबसे बड़े और सबसे गतिशील लोकतंत्र की है। इसलिए मैं आपको इस प्रतिष्ठित सेवा में आपके चयन के लिए बधाई देता हूं और आप इसे मुझसे ज़्यादा जानते हैं। यह प्रतियोगिता कठोर चुनौतीपूर्ण और एक कठिन प्रतियोगिता थी। आप इसमें उत्‍तीर्ण हुए। आपने अपने माता-पिता को गौरवान्वित किया। आपने अपने शिक्षकों और अल्मा मेटर को गौरवान्वित किया।

क्या आप एक पल के लिए कल्पना कर सकते हैं कि जब आप इस सेवा में आए तो आपके परिवारों में कितनी संतुष्टि रही होगी? यही परिभाषित करता है कि आप कहां हैं। आपको भारतीय नौकरशाही के उच्चतम मानदंडों पर खरा उतरना है। आपको अपने आचरण में पारदर्शिता, निष्ठा और जवाबदेही का उदाहरण प्रस्तुत करना है। प्रलोभन चाहे कितने भी आकर्षक क्यों न हों, आपको कभी भी शॉर्टकट नहीं अपनाना चाहिए। सख्त जरूरत के समय शॉर्टकट दो बिंदुओं के बीच सबसे लंबी दूरी बन जाती है। केवल कागज पर ही सबसे कम दूरी दिखती है। शॉर्टकट लेने का मतलब है कि आप कानून की चार‍दिवारियों का आप उल्लंघन कर रहे हैं। यदि आप निष्ठा में विश्वास रखते हैं और राष्ट्र की सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं, तो आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। भारत की प्रगति के विशाल फलक पर सिविल सेवक हमारे गतिशील राष्ट्र के सामाजिक-आर्थिक विकास और प्रगति में योगदान देने वाले शांत लेकिन बेहद मजबूत वास्तुकारों के रूप में कार्य करते हैं

हमारी नौकरशाही का प्रदर्शन हमेशा बेहतर रहेगा, बशर्ते राजनीतिक नेतृत्व सही ढांचे में हो, सही नीतियों के साथ हो। हम ऐसे समय में जी रहे हैं, जहां राजनीतिक ढांचा उम्मीद और आशावाद का संकेत दे रहा है। हम सही रास्ते पर हैं। और यही कारण है कि भारत इस समय अभूतपूर्व आर्थिक उछाल, अभूतपूर्व बुनियादी ढांचे के विकास वाला राष्ट्र है। यह राजनीतिक दृष्टि और नौकरशाही क्रियान्वयन का मिश्रण है। इसलिए मैं कहता हूं कि भारत को अपनी नौकरशाही पर गर्व है। यह दुनिया में सबसे बेहतरीन नौकरशाही है। यही कारण है कि हमारी आकांक्षाएं मजबूत होती हैं। यह सेवा, आपकी सेवा, राष्ट्र निर्माण की समृद्ध विरासत है।

आप एक बहुत ही प्रतिष्ठित कैडर का हिस्सा हैं जिसने हमारे देश में साक्ष्य-आधारित नीति और शासन को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जब कमरा अंधेरा हो तो किसी चीज़ को ढूंढ़ना बहुत मुश्किल होता है। अगर कमरे में कम रोशनी हो तो आपकी आंखों पर ज़ोर पड़ेगा, लेकिन अगर रोशनी अच्छी हो तो काम आसान हो जाता है। अपने गंतव्य से जुड़ना सहज है। यही वह काम है जो आपको अपने जीवन के बाकी हिस्सों में करना चाहिए: वह है हमारे जीवन को बदलना, जिसमें मैं भी शामिल हूँ।

यह एक ऐसी सेवा है जो आपको देश के कल्याण के लिए काम करने के लिए बहुत सारे अवसर देगी, लेकिन जब आप इसे अपने काम में लागू करेंगे तो आप नई चीजें सीखते रहेंगे। यह एक बहुत बड़ी क्रांति होगी। आप भारत को ऐसे जानेंगे जैसे कोई और नहीं जानता। और जिस तरह के इनपुट आपको मिलेंगे और आप साझा करेंगे, और उसका विश्लेषण किया जाएगा, उससे बहुत अच्छे परिणाम मिलेंगे। इसलिए, अपने करियर के दौरान, जैसे-जैसे आप आगे बढ़ेंगे, आप कई तरह से सेवा करेंगे। उनमें से हर एक देश के लिए महत्वपूर्ण होगा।

इस सेवा की भूमिका पहले कभी इतनी महत्वपूर्ण नहीं रही, जितनी आज है। आज भारत को दुनिया में सबसे ज्यादा आबादी वाला देश होने पर गर्व है। पिछले एक दशक से भारत को गर्व होना भी चाहिए, क्योंकि आईएमएफ और विश्व बैंक जैसी संस्थाओं ने उसे सम्मानित किया है। और इसलिए एक दशक से भारत आर्थिक विकास के मामले में बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में नंबर एक पर है। पहली बार लोगों ने विकास का स्वाद चखा है। जन-केंद्रित नीतियां समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंची हैं। घर में गैस कनेक्शन, नल कनेक्शन, शौचालय, इंटरनेट, नजदीक में सड़क और रेल की आसान पहुंच। और आज यही स्थिति है, आपके नजदीक में स्वास्थ्य केंद्र है, नजदीक में ही शिक्षा केंद्र हैं।

मेरे समय और श्री गर्ग के समय में, हमारे पास कभी भी इतना अच्छा माहौल नहीं था। इसलिए, लोगों ने अब वास्तविक विकास का स्वाद चखा है। इसने भारत को दुनिया में सबसे अधिक आकांक्षी राष्ट्र में बदल दिया है। और इसका युवा जनसांख्यिकीय लाभांश दुनिया के लिए ईर्ष्या का विषय है। आपके इस युवाओं की औसत आयु 28 है। अमेरिका और चीन के लिए, यह लगभग 38, 39 है। जब कोई राष्ट्र आकांक्षी होता है, तो लोगों के आतुर होने, आतुरता में लिप्त होने की हमेशा संभावना होती है। पहले कभी नहीं मिली आज़ादी का स्वाद चखने के बाद, वे और अधिक आजादी चाहते हैं।

इसलिए, यह जरूरी है कि सरकार अच्छा काम करे। अब, सरकार सही नीतियों के द्वारा ही अच्छा काम कर सकती है। सही नीतियों को डेटा पर दृढ़ होना चाहिए। उनके डेटा के संरक्षक आप हैं। डेटा उपलब्ध होने के बाद, आप इसके विश्लेषण के तेज पोस्टडॉक्टर हैं। इसलिए, आपका योगदान हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ को मजबूत करेगा। यह हमारी सामाजिक समानता को आगे बढ़ाएगा और यह सुनिश्चित करेगा कि हमारे राष्ट्रीय विमर्श में सबसे हाशिए पर पड़े लोगों की आवाज सुनी जाए और उनका प्रतिनिधित्व किया जाए। लोकतंत्र तभी सार्थक है जब हर पहलू में समानता हो, और इसके लिए असमानताओं को कम करना, रोकना और अंततः खत्म करना आवश्यक है। इसके लिए, यह देखना महत्वपूर्ण है कि असमानता कहां है जिसपर ध्यान देने की आवश्यकता है। इसमें आपकी भूमिका मौलिक है।

सांख्यिकी डेटा से सीखने का विज्ञान है। प्रभावी शासन के लिए सांख्यिकीय उपकरण और मात्रात्मक तकनीकें आवश्यक हैं क्योंकि शासन को अंततः बेहतर प्रदर्शन करना होता है। जब आप सही रास्ते पर होते हैं तो आप बेहतर प्रदर्शन करते हैं। आप सही रास्ते पर तभी हो सकते हैं जब आपको पता हो कि किस क्षेत्र पर ध्यान देना है, और यह आपका काम है। इसलिए, आप सूचित नीतिगत निर्णयों के लिए एक ठोस अनुभवजन्य आधार प्रदान करते हैं। वो कहते हैं ना की दृढ़ निर्णय ना हो इसलिए आपदा को टालने की कोई संभावना नहीं है। बिना सूचना के निर्णय लेना, तदर्थ निर्णय लेना, विकास का एक ऐसा नुस्खा है जो सतत विकास के विपरीत है। आज की दुनिया एक बदली हुई दुनिया है।

नवोन्मेषी प्रौद्योगिकियां औद्योगिक क्रांति से कहीं आगे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, मशीन लर्निंग और ब्लॉकचेन हमारे जीवन, हमारे कार्यालय स्थान, हमारे शासन पैटर्न और हमारी भूमिकाओं में प्रवेश कर चुके हैं। ये चुनौतियां हैं, लेकिन हर चुनौती इसमें एक अवसर है। आपकी नौकरी के लिए, यह एक बेहतरीन अवसर है। यह आपकी बहुत मदद करेगा। आज दुनिया डेटा और डिजिटल तकनीक से संचालित होती है। आपने अक्सर ऐसे डेटा देखे होंगे जो चोरी हो गए हैं। डेटा की गोपनीयता होनी चाहिए। तो आप जानते हैं, डेटा बहुत महत्वपूर्ण है।

सांख्यिकी की भूमिका, खास तौर पर आपकी सेवा की भूमिका, अब पारंपरिक कार्यक्षेत्र से आगे बढ़ गई है, पहले की तरह नहीं है। आर्थिक योजना निर्माण से लेकर स्वास्थ्य निगरानी तक, कृषि पूर्वानुमान से लेकर सामाजिक विकास कार्यक्रमों तक, डेटा विकास के हर पहलू के लिए केंद्रीय है। वास्तव में, नियोजन के लिए पहली प्राथमिकता डेटाबेस की आवश्यकता है। सांख्यिकी केवल संख्याओं के बारे में नहीं है। यह संख्याओं से कहीं अधिक है। यह पैटर्न की पहचान करने और समझदारी भरे नीतिगत निर्णयों को सूचित करने वाली अंतर्दृष्टि प्राप्त करने के बारे में है। डेटा को समकालीन स्थितियों के साथ तालमेल रखना चाहिए। अन्यथा, यह बासी, पुराना हो जाता है।

यह पैटर्न की पहचान करने और अंतर्दृष्टि प्राप्त करने, डेटा के आधार पर पूर्ण नीति निर्णय लेने के बारे में है, जो वर्तमान में स्वीकार्य है। विलंबित या भ्रमित नीति के गंभीर परिणाम हो सकते हैं और समय पर हस्तक्षेप, अच्छी तरह से सूचित निर्णय ऐसे परिणाम दे सकते हैं जो बेहद वृद्धिशील और असाधारण होते हैं। समय पर की गई कार्रवाई बहुत लाभप्रद होती है। सही समय पर आपका एक सही कदम सारा काम कर देगा।

नीति निर्माता उनका विज़न, उनकी विशेषज्ञता और वे योग्य हैं या नहीं यह महत्वपूर्ण हैं। लेकिन साधन आपका डेटा है। डेटा की अनुपस्थिति में आप सही दृष्टिकोण नहीं पा सकते और फिर सही दिशा में तुलनात्‍मक रूप से कदम भी नहीं उठा सकते। नीति निर्माता प्रभावी रूप से और सार्थक रूप से कार्यक्रमों को डिजाइन, कार्यान्वित और मूल्यांकन तभी कर सकते हैं जब उनके पास एक डेटा प्लेटफ़ॉर्म हो जो प्रामाणिक हो। यहा

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