Breaking News

Dr Arvinder Singh Udaipur, Dr Arvinder Singh Jaipur, Dr Arvinder Singh Rajasthan, Governor Rajasthan, Arth Diagnostics, Arth Skin and Fitness, Arth Group, World Record Holder, World Record, Cosmetic Dermatologist, Clinical Cosmetology, Gold Medalist

Current News / पार्ट 1 : सुखाड़िया सर्किल की 19 मंजिला इमारत में नियम विपरीत निर्माण,रसूख के आगे प्रशाषन पस्त !

clean-udaipur पार्ट 1 : सुखाड़िया सर्किल की 19 मंजिला इमारत में नियम विपरीत निर्माण,रसूख के आगे प्रशाषन पस्त !
News Agency India March 02, 2020 11:33 AM IST

पार्ट 1 : सुखाड़िया सर्किल की 19 मंजिला इमारत में नियम विपरीत निर्माण,रसूख के आगे प्रशाषन पस्त !

उदयपुर शहर में अपना घर बनाना हर किसी का सपना है और हर कोई अपनी छोटी छोटी बचत करके अपना सपनों का घर बनाने के लिए सरकारी स्वीकृति लेने के प्रयास करता है। मकान के नक्शे से लेकर नियमन की बारीकियों से बचने के लिए लोग दलालों का सहारा लेते है । कभी कभी तो भवन अनुमति प्राप्त करने या संपत्ति का नामान्तरण कराने में लोगो को सालों तक इंतज़ार करना पड़ जाता है,वहीं रसूखदारो के लिए ये प्रक्रियाएं महज़ दिखावा होती है । इन रसूखदारों के नामान्तरण 15 दिन में हो जाते है।

रसूखदार बिल्डर अपनी बिल्डिंग अपनी मर्जी से बनाते है और फिर स्वीकृति विरुद्ध निर्माण को संशोधित नक्शे पेश कर, पत्रावली को चालाकी से नगर निगम उदयपुर से अप्रूव करवाते है । मजे कि बात ये है कि जहाँ उदयपुर नगर निगम लोगों के मकानों के नक्शे अप्रूव करने में महीनों लगा देता है और सामान्य लोगों को अप्रूव नक्शों पर ही निर्माण करना होता है ,वहीं रसूखदार अपनी मर्जी से शहर में 3 बेसमेंट, 2 स्टिल्ट सहित 19 मंजिला अट्टालिकाएँ बनाते है । प्रारंभ से ही स्वीकृत नक्शे से विपरीत निर्माण को संशोधित नक्शों के आधार पर बिल्डिंग बाई लॉज़ की गलत व्याख्या कर अप्रूव करवा लेते है । सेटिंग की बानगी देखिये कि गलत कामों का नियमन भी नगर निगम उदयपुर बेटरमेंट लेवी के नाम पर 15 दिन से कम समय मे कर देता है।

शहर की एक इमारत 3 बेसमेंट, 2 स्टिल्ट सहित 19 मंजिला बिल्डिंग का ऐसा ही एक दिलचस्प वाकया है जो सुखाड़िया सर्किल के समीप स्थित है जिसमे बिल्डर ने न केवल तीन तीन बार अपना नक्शा बदला बल्कि पहले नियम विपरीत काम किया फिर इसे नियमित करवाने के लिए निगम में फ़ाइल लगवायी। शहर की सबसे बड़ी बिल्डिंग में फर्जीवाड़े का खेल ऐसा चला कि नक़्शे के अनुरूप निर्माण हुआ भी है कि नही ये कभी किसी अधिकारी ने जांचना मुनासिब नही समझा। बिल्डर ने बिल्डिंग कानूनों को धत्ता बताते हुए फ्रंटसेट बैक में अंडर ग्राउंड बेसमेंट जाने के लिए रैंप फ्रंट बाउण्ड्री से केवल 2.7 मीटर दूरी पर है जबकि एकीकृत भवन विनियम 2017 के नियमो के अनुसार यह कम से कम 6 मीटर की दूरी पर होना चाहिये। इस कारण यह रैंप अतिक्रमण की श्रेणी में आता है और नगर निगम द्वारा नियमानुसार इसे तोड़ा जाना चाहिए।

आपको बताते चले कि उक्त बिल्डर ने न भवन उपविधि नियम 2013 का पालन किया और न एकीकृत भवन विनियम 2017 का ! स्वीकृति से विपरीत और नियम विरुद्ध निर्माण का नियमन पर माननीय राजस्थान हाई कोर्ट की पहले से रोक है, लेकिन बिल्डर ने बिल्ड़िंग बाई लॉज़ की खिचड़ी को अपनी सुविधा के अनुसार निर्माण कार्य किया ,जो वर्तमान में अंतिम चरण में है। बिल्डर ने चालाकी से लगभग 83000 वर्गफीट अतिरिक्त निर्माण का नियमन बेटर मेन्ट लेवी की आड़ में नगर निगम से करवा लिया। इस बिल्ड़िंग में अंतिम प्रस्तुत नक्शे को नियमो और तकनीकी आधार पर नही बल्कि बहुमत के आधार पर स्वीकृति दी है, यदि उच्च स्तरीय जाँच करवाई जाए तो इस बिल्ड़िंग से जुड़े कई घोटाले सामने आएंगे।

  • fb-share
  • twitter-share
  • whatsapp-share
clean-udaipur

Disclaimer : All the information on this website is published in good faith and for general information purpose only. www.newsagencyindia.com does not make any warranties about the completeness, reliability and accuracy of this information. Any action you take upon the information you find on this website www.newsagencyindia.com , is strictly at your own risk
#

RELATED NEWS