आत्महत्या की जाँच में गर्भवती दलित महिला के निर्भया जैसे गैंगरेप का खुलासा !
दिल दहला देने वाली घटना में 19 वर्षीय दलित गर्भवती महिला के क्रूर सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आया है। यह घटना 2016 की निर्भया सामूहिक बलात्कार जैसी भयानक घटना है जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। दिसंबर 2016 में अपने पुरुष मित्र के साथ घर लौटते समय निर्भया के साथ बलात्कार किया गया था; दलित महिला के साथ भी इसी तरह से बलात्कार किया गया था।
उसका प्रेमी, जो उसे अपनी मोटरसाइकिल पर वापस घर छोड़ने जा रहा था, उसे तीन लोगों द्वारा लोहे की छड़ और तलवारों से तब तक पीटा गया जब तक कि वह बेहोश नहीं हो गया। आरोपीयों ने उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया। फिर महिला को एक उजाड़ बस स्टैंड पर ले जाया गया, जहां सुनील चरपोटा, विकास और जितेंद्र चरपोटा ने उसके साथ गैंगरेप किया। लेकिन उनका यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं हुआ। तीनों उसे फिर से एक अलग जगह पर ले गए, दो दोस्तों - नरेश गुर्जर और विजय को बुलाया और फिर उसके साथ बलात्कार किया।
निर्भया की तरह, क्रूर हमले के बाद उसे सड़क पर छोड़ दिया गया था।
इस तरह के हमले का से उसके डेढ़ महीने का भ्रूण जीवित नहीं बचा, जिससे उसकी गर्भावस्था में ही मृत्य हो गयी ।जब पुलिस उसके प्रेमी की मौत की जांच नहीं कर रही थी, जिसने होश में आने के बाद, अपमानित होने के डर से खुद को मार लिया। दंपति की शादी भी नहीं हुई थी और महिला डेढ़ महीने की गर्भवती थी।
बांसवाड़ा पुलिस ने कहा कि लड़की ने अपराध की रिपोर्ट दर्ज़ नहीं करायी और घटना का पता तब चला जब उस व्यक्ति की आत्महत्या की जांच की जा रही थी और एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था । गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को चोरी का फोन दिया ही था कि पुलिस को गैंगरेप की हवा लग गई।घटना के तीन हफ्ते बाद, जो पुलिस के अनुसार 13 जुलाई को हुई थी, प्रेमी का मोबाइल फोन बरामद किया गया था और पुलिस ने पाया कि पीड़ित ने उसके नंबर पर कई कॉल किए थे। फोन कॉल और मैसेज का ब्योरा ट्रेस करते हुए पुलिस पीड़िता के पास पहुंची। हालांकि पुलिस ने कहा कि उसकी हालत नाजुक है और किसी तरह जैसे तैसे पुलिस को अपनी आपबीती सुनायी ।
पीड़िता द्वारा दिए गए विवरणों पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने पांच आरोपी पुरुषों को गिरफ्तार किया - सुनील चरपोटा, विकास, नरेश गुर्जर, विजय और जितेंद्र चरपोटा।
आरोपी के खिलाफ बलात्कार, अपहरण, हत्या की कोशिश और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है।पुलिस ने कहा कि सुनील चरपोटा ने उस पर 5,000 रुपये का इनाम रखा, और उसका आपराधिक रिकॉर्ड है। आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।