वीडियो : उदयपुर भाजपा में उभरा असंतोष,ताराचंद जैन हुए नाराज !
उदयपुर भाजपा में टिकट वितरण के बाद उपजे असंतोष को आख़िरकार भाजपा रोक नहीं पायी। भाजपा पार्टी के वरिष्ठ नेता ताराचंद जैन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने मन की पीड़ा बतायी और हूबहू वो ही कहा जो उन्होंने अपनी चिट्ठी में लोगों और मीडिया से कहा है। भाजपा नेता ताराचंद जैन यूँ तो सीधे तौर पर गुलाबचंद कटारिया का नाम लेने से कतराते रहे लेकिन उनकी बातों में कहीं न कही उदयपुर भाजपा में एक तरफा निर्णय लेने वाले नेता का विरोध सीधे तौर पर शुरू हो गया।
तारा चंद जैन द्वारा लिखा गया खत !
मान्यवर ,
मेरा इस नगर निगम उदयपुर के चुनाव से कोई लेना-देना नहीं था। ना तो मैंने किसी से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की और ना ही मैंने चुनाव लड़ने की दावेदारी की। मैं तो पार्टी द्वारा इस नगर निगम चुनाव में 24 वार्डों का प्रभारी था, मेरे साथ श्री दिनेश जी भट्ट एवं श्री तखत सिंह शक्तावत थे ।
मुझे तो पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री गुलाब चंद जी कटारिया एवं वरिष्ठ लोगों ने कहा कि आपको वार्ड नंबर 17 से चुनाव लड़ना है अतः हमारे संगठन की परिपाटी के अनुसार मैंने नहीं चाहते हुए भी संगठन के निर्णय को स्वीकार किया।
मैं तीन बार उदयपुर शहर जिला अध्यक्ष ,तीन बार उदयपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष एवं 5 वर्ष तक उदयपुर उप जिला प्रमुख के पद पर रहकर पार्टी और जनता की इमानदारी से सेवा की है ।
मेरे पिछले काफी लंबे समय से स्थानीय नेतृत्व से वैचारिक मतभेद थे अतः में प्रदेश नेतृत्व की योजना से संभाग में संगठन का कार्य कर रहा हूं।
जो कुछ आज मेरे साथ किया गया उसकी मुझे और स्थानीय कार्यकर्ताओं को उम्मीद नहीं थी ।मैंने 40 वर्षों से पार्टी की तन, मन ,धन से निष्कलंक रहते हुए सेवा की । ऐसे में स्थानीय नेतृत्व द्वारा मुझे ईनाम स्वरूप इस तरह अपमानित करने कि मुझे अपेक्षा नहीं थी।