उदयपुर पुलिस कर रही ऐसा काम, निवासी भूलेंगे नही उम्र तमाम!
कोरोना महामारी जहाँ पूरे विश्व में हाहाकार मचाते हुए लोगों में डर का माहौल पैदा कर रही है वही भारत के कोरोना वारियर्स जैसे डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मी,सफाई कर्मी और पुलिस जी जान से लोगों को राहत दिलाने की कोशिश कर रही है। इन सबमें एक विभाग ऐसा भी है जिसे एक साथ दो दो ड्यूटी निभानी पड़ रही है और वो विभाग है पुलिस।
जी हाँ! उदयपुर सहित देश के तमाम राज्यों की पुलिस ने कोरोना महामारी के दौर में जिस सेवा भाव का उदाहरण प्रस्तुत किया है उसे जनमानस आने वाले कई वर्षों तक नही भूलेगा। जहाँ पुलिस लॉक डाउन की पालना के लिए दिन रात सड़क पर खड़ी होकर भूखे प्यासे लोगों से घर पर रहने का आग्रह कर रही है जबकि सबसे ज्यादा संक्रमण का डर इन्ही लोगों को है,वहीं उदयपुर पुलिस लॉक डाउन के दौरान उन सभी जरूरत मंदो को भोजन भी उपलब्ध करवा रही है ।
महत्वपूर्ण बात ये है कि उदयपुर पुलिस न केवल अपने स्तर पर लोगों तक भोजन पहुँचा रही बल्कि कई समाजसेवी संस्थानों को भी भोजन उपलब्ध करवा रही है। जो भी व्यक्ति भोजन जरूरतमंदों तक पहुँचाने के लिए स्वयंसेवी बन कर पुलिस के पास पहुँच रहा है उन स्वयं सेवियों को भी भोजन के पैकेट उपलब्ध करवाए जा रहे है ।
उदयपुर पुलिस की इस योजना में उदयपुर पुलिस SP कैलाश विश्नोई के साथ राजीव जोशी, गोपाल स्वरूप मेवाड़ा और सेक्टर 6 थाने के अधिकारी हनवंतसिंह महत्ती भूमिका निभा रहे है। अल सुबह से हनवंतसिंह के घर हज़ारो लोगों का खाना बनना शुरू होता है जो देर शाम तक जारी रहता है। ये भोजन न केवल शहर बल्कि आसपास के दूरदराज़ क्षेत्रों तक भी पहुँचाया जा रहा है। एक ओर बात ये कि इस पूरे काम को मौन मूक तरीके से बिना किसी प्रोमोशन के साथ किया जा रहा है जहाँ ये सभी अधिकारी नही चाहते है कि मीडिया में इनके नाम आगे आये । धन्य है ये सभी अधिकारी जो कँगूरे बनने की बजाय मौन मूक नीव की ईंट बने हुए है।
एक ओर सेवा कार्य उदयपुर पुलिस कर रही है जो लोगों को अभी तक पता नही है। शहर भर में कई पागल लोग इधर उधर घूमते फिरते है,इन लोगों को भी उदयपुर पुलिस भोजन न केवल पहुँचा रही है बल्कि ये ध्यान भी रख रही है कि ये लोग खा भी रहे है या नही।उदयपुर के कई थानों की पुलिस शहर भर के श्वानों को भी बिस्किट के साथ टोस्ट आदि उपलब्ध करवा रही है। इसके साथ पक्षियों को जगह जगह दाना भी डलवा रही है।
ऐसा नही है कि इन्हें संक्रमण का डर नही है लेकिन उदयपुर पुलिस की ड्यूटी और कर्तव्य निष्ठा ऐसी है कि ये जान की परवाह किये बिना लगातार सेवा किये जा रही है। ये अहसान उदयपुर भुलाए नही भूलेगा।
धन्य है उदयपुर पुलिस के सभी कर्मचारी और अधिकारी।
साधुवाद आपको उदयपुर पुलिस।