दीया तले अँधेरा,UIT चौराहे की सड़क ही टूटी तो कहाँ सही होंगी उदयपुर की सड़के ?
अकर्मण्यता और लापरवाही की सबसे बड़ी मिसाल उदयपुर का नगर विकास प्रन्यास बन गया है। शहर के VIP इलाके जहाँ पर्यटक फतहसागर और सहेलियों की बाड़ी की ओर रुख करते है उन्हें शहर की घटिया और टूटे फूटे चौराहे से गुजरना पड़ता है।
धन्य है सम्पूर्ण नगर विकास प्रन्यास उदयपुर के कमर्चारी जो रोज अपने ऑफिस इस सड़क से आते है और आज तक किसी ने इसको दुरुस्त करने की सुध नहीं ली। बहाने बना लेते है कि एक बार बारीश बंद हो जाये तो पैच करे। भाई ऐसी कौनसी हज़ार किमी लम्बी सड़क थी जो आप बारीश का बहाना बना रहे हो ? क्या ऑफिस के बाहर का चौराहा एक रात में सही नहीं हो सकता क्या ?
क्या सिर्फ ड्यूटी निभाने आते है कर्मचारी नगर विकास प्रन्यास या ड्यूटी करने ? किसी ने पिछले 1 महीने से ज्यादा समय से बीड़ा ही नहीं उठाया चौराहे को सही करने का।नगर विकास प्रन्यास जब अपने ऑफिस के बाहर ही रोड सही नहीं करवा पा रहा तो समूचे उदयपुर की सड़कों के दुरुस्त होने की उम्मीद इनसे करना व्यर्थ ही होगा।
नगर विकास प्रन्यास कर्मचारियों में काम के प्रति लापरवाही का सबसे बड़ा उदहारण इनकी खुद के चौराहे की सड़क है। अधिकारी मलाई खाने में व्यस्त है और जनता त्रस्त है। जनप्रतिनिधि,नेता और अधिकारियों का नेक्सस मिलकर उदयपुर को बर्बाद करने में कोई कसर छोड़ने में नज़र नहीं आ रहा। लेकिन उदयपुर की जनता को गुमराह करना कभी गले की फांस बन सकता है ये इतिहास बताता आया है।