उदयपुर के पीलादर में पुलिस फायरिंग, ग्रामीणों ने पुलिस वाहन सहित दो रोडवेज बसे फूंकी !
उदयपुर में रमेश पटेल हत्याकांड को लेकर सोमवार को माहौल गरमा गया है। मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पटेल समाज के सैंकड़ों लोग पीलादर में सड़क पर उतर गए और इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में जोरदार झड़प हो गई।
उदयपुर के जावर माइंस थाना इलाके में हाल ही हुए रमेश पटेल हत्याकांड को लेकर सोमवार को माहौल गरमा गया है। मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पटेल समाज के सैंकड़ों लोग पीलादर में सड़क पर उतर आए। इस दौरान प्रर्शनकारियों की पुलिस से हुई झड़प के बाद वहां माहौल जबरदस्त बिगड़ गया। ग्रामीणों ने पुलिस पर जोरदार पथराव कर उनके करीब आधा दर्जन वाहनों को तोड़फोड़ कर उनमें आग लगा दी।राजस्थान रोडवेज के राजसमंद आगार और बाँसवाड़ा आगार की एक बस को भी उपद्रवियों ने आग के हवाले कर दिये। साथ ही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर हवाई फायर भी किये। अभी भी मौके पर भारी तनाव बना हुआ है और वहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है।
रमेश पटेल हत्याकांड के मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सोमवार को उदयपुर-सलम्बूर मार्ग पर स्थित पीलादर गांव में जाम लगा दिया और महिलाएं सड़क पर बैठ गईं। इस दौरान वहां मौजूद पुलिस जाब्ते ने महिलाओं को सड़क से हटाने की कोशिश की तो ग्रामीणों ने विरोध किया. ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए पुलिस पर पथराव कर दिया। ग्रामीणों की भारी तादाद और पथराव को देखते हुए पुलिस को पीछे हटना पड़ा। इस बीच ग्रामीणों ने वहां खड़े पुलिस के करीब आधा दर्जन वाहनों को तोड़फोड़ कर उनमें आग लगा दी। हालात बेकाबू होते देखकर पुलिस ने किया हवाई फायर किये।
स्थिति बेकाबू होते देखकर अतिरिक्त जाब्ता बुलाया गया। उसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। इससे ग्रामीणों और पुलिस में झड़प बढ़ गई। हालात काबू नहीं आने पर पुलिस ने हवाई फायर किया। इस पर प्रदर्शनकारी इधर-उधर भाग छूटे। मौके पर अभी तनाव बना हुआ है ।वहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दशरथ सिंह समेत पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारी वहां डटे हुए हैं।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल पीलादर निवासी युवक रमेश पटेल करीब सप्ताहभर पहले लापता हो गया था। परिजनों ने स्थानीय थाने में इसकी गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। इस घटना के तीन-चार दिन बाद रमेश का शव एक कुएं में पड़ा मिला था। इस पर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। लेकिन पुलिस ने उस समय समझाइश कर मामले को शांत करा दिया था। परिजनों और ग्रामीणों ने रमेश की हत्या का आरोप लगाते हुए कुछ लोगों पर शक जाहिर किया था। उसके बाद पुलिस ने कुछ लोगों को पकड़ भी लिया। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि पकड़े गए लोग मुख्य आरोपी नहीं है। मुख्य आरोपियों को पकड़ने की मांग को लेकर ही ग्रामीण सोमवार को प्रदर्शन कर रहे थे।