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संपर्क पोर्टल पर आने वाले परिवादों में 90 प्रतिशत से भी अधिक निपटाने में सफल हुआ राजस्थान
News Agency India August 01, 2021 02:57 PM IST

संपर्क पोर्टल पर आने वाले परिवादों में 90 प्रतिशत से भी अधिक निपटाने में सफल हुआ राजस्थान

जयपुर, 7 अगस्त। केन्द्र सरकार में प्रशासनिक सुधार एवं जन परिवेदना विभाग के सचिव संजय सिंह ने प्रदेश के जन परिवेदना निवारण तंत्र सम्पर्क पोर्टल - 181 हेल्पलाईन को प्रभावी बताते हुए प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि राजस्थान में जन परिवेदना निवारण में किये जा रहे नवाचार अनुकरणीय हैं। उन्होंने कहा कि आम जन की परिवेदनाओं के निराकरण के लिए किसी भी तंत्र में सबसे महत्त्वपूर्ण है कि परिवादी का आवेदन सही स्थान पर पहुंचे, उसकी प्राथमिकता का निर्धारण हो और नागरिक की मांग के अनुरूप परिवाद का निस्तारण हो। राजस्थान सम्पर्क एक ऎसे तंत्र के रूप में विकसित हो रहा है जहां नागरिक सरलतापूर्वक व सुविधाजनक तरीके से परिवेदनाऎं दर्ज करा सकता है एवं उनके समाधान के संबंध में की गई कार्यवाही की जानकारी ले सकता है व फीडबेक दे सकता है।

सिंह शुक्रवार को शासन सचिवालय में प्रदेश के राजस्थान संपर्क पोर्टल, जन परिवेदना निवारण तंत्र के संबंध में प्रशासनिक सुधार एवं जन अभियोग निराकरण विभाग, सूचना एवं प्रोद्योगिकी विभाग, आयोजना विभाग, पब्लिक सर्विसेज,संपर्क पोर्टल एवं 181 हैल्पलाइन विभागों के उच्च अधिकारियों के साथ चर्चा कर रहे थे। उन्होंने सम्पर्क पोर्टल की कार्य प्रणाली के बारे में जानकारी ली और सुझाव भी दिये। उन्होंने कहा कि आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस तथा मशीन लर्निंग की सहायता से इस तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बेहतर मॉनिटरिंग और क्वालिटी डिस्पोजल ही इस तंत्र की सफलता के पैमाने हैं। उन्होंने परिवेदनाओं का समुचित वर्गीकरण कर निस्तारण समयावधि में कमी लाने व परिवादियों के संतुष्टि स्तर को लगातार बेहतर करने की दृष्टि से सत्यापन व फीडबेक की व्यवस्था को सुदृढ करने हेतु नवीनतम तकनिकी का उपयोग बढाने के निर्देश प्रदान किये। इसी प्रकार कॉल सेन्टर के कार्मिकों के तकनीकी एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण एवं पोर्टल से प्राप्त फीडबेक का विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन को बेहतर बनाने की दृष्टि से उपयोग करने पर जोर प्रदान किया।

प्रमुख शासन सचिव, प्रशासनिक सुधार एवं जन अभियोग निराकरण विभाग अश्विनी भगत ने पोर्टल की कार्य प्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि पोर्टल में परिवेदना के रजिस्ट्रेशन से लेकर उसके निस्तारण तक की प्रक्रिया पूरी तरह नागरिक केंद्रित है। उन्होंने कहा कि परिवेदना के निस्तारण के लिए कई स्तरों पर काम किया जाता है और इसके लिए समयबद्धता भी तय की गई है। उन्होंने बताया कि संपर्क पोर्टल को 181 हैल्प लाइन से भी जोड़ा गया है, जिस पर परिवाद रजिस्टर किया जा सकता है। इसके अलावा क्वालिटी कंट्रोल के लिए कॉल्स रिकॉर्ड कर कंटेंट की सतत मॉनिटरिंग की जाती है। उन्होंने कहा कि कोरोना के दौरान भी इस हैल्पलाइन नम्बर का इस्तेमाल कर व्यवस्थाओं के सुचारू क्रियान्वयन के लिए सफलतापूर्वक किया गया था। इसके माध्यम से सर्वे और फीडबैक प्राप्त भी किया जाता है।

भगत ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा इस तंत्र को और प्रभावी तथा सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार नवाचार किये जा रहे हैं। भविष्य में संपर्क पोर्टल को डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के रूप में विकसित किये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त इसे सर्विस डिलीवरी प्लेटफार्म के साथ समन्वित करने तथा सोशल मीडिया के जरिये शिकायत पंजीयन करने के बारे में भी विचार किया जा रहा है।

शासन सचिव आयोजना विभाग नवीन जैन ने विभाग द्वारा जन परिवेदनाओं के निस्तारण के संबंध में किये गए नवाचारों के बारे में भी जानकारी दी। चर्चा के दौरान सिरोही कलक्टर भगवती प्रसाद ने जन परिवेदनाओं के निराकरण में अपने जिले में किये गए उल्लेखनीय कार्यों के बारे में प्रजेंटेशन के माध्यम से बताया। उन्होंने बताया कि सतत मॉनिटरिंग के जरिये वे संपर्क पोर्टल पर आने वाले परिवादों को 90 प्रतिशत से भी अधिक निपटाने में सफल रहे हैं।

बैठक के प्रारम्भ में निदेशक, लोक सेवा,एच. एल. अटल द्वारा राजस्थान सम्पर्क पोर्टल के विभिन्न बिन्दुओं के संबंध में विस्तृत पावर पाइंट प्रस्तुतिकरण दिया गया। प्रस्तुतिकरण में अब तक की विकास यात्रा, पोर्टल की विभिन्न महत्वपूर्ण विशेषताओं, पोर्टल पर परिवेदना दर्ज करने के विभिन्न माध्यमों/तरीकों, परिवाद निवारण हेतु संबंधित अधिकारियों में पोर्टल के माध्यम से स्वतः आवंटन, परिवाद निवारण की प्रक्रिया, असंतुष्टि या समय सीमा में परिवाद निराकरण न होने पर स्वतः अग्रेषण व्यवस्था, परिवाद निस्तारण एवं संतुष्टि हेतु सत्यापन प्रक्रिया, नागरिकों से फीडबेक एवं सुझाव लेने की व्यवस्था, ट्यूर मोडयूल, रियलिटी चौक मोडयूल एवं बेहतर गुणवत्तापूर्ण व संतुष्टिप्रद निस्तारण की दृष्टि से उपखण्ड, जिला, विभागाध्यक्ष, निदेषालय व शासन सचिवालय स्तर पर की जा रही नियमित समीक्षा एवं मोनिटरिंग आदि प्रमुख बिन्दु सम्मलित रहे।

बैठक में अवगत कराया कि राजस्थान सम्पर्क पोर्टल 181 हेल्पलाइन के एकीकरण के साथ 15 अगस्त 2017 को शुरू किया गया था। प्रारम्भ से लेकर जुलाई, 2021 तक पोर्टल पर दर्ज परिवेदनाओं में से 98 प्रतिशत का निस्तारण किया जा चुका है। इसी प्रकार विगत अवधि में नियमित समीक्षा व मोनिटरिंग के फलस्वरूप औसत निस्तारण अवधि 76 दिवस से कम होकर 26 दिवस एवं संतुष्टि प्रतिशत 58.9 प्रतिशत से बढकर 60.14 प्रतिशत हो गया है। बैठक में कोविड-19 संक्रमण के दौरान राशन व्यवस्था, प्रवासी श्रमिकों को सहायता, कोविड-19 मरीजों को चिकित्सा सहायता, क्वारंटीन सेन्टर से संबंधित समस्याओं आदि के संबंध में प्राप्त परिवेदनाओं के निराकरण में राजस्थान सम्पर्क पोर्टल व 181 हेल्पलाइन के उपयोग के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी गई।

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