राजस्थान ने लगायी 1.8 प्रतिशत लोगों को अतिरिक्त वैक्सीन -चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री
जयपुर, 14 जुलाई। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रधु शर्मा ने कहा कि प्रदेश में जारी कोरोना टीकाकरण अभियान को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी सराहा है। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार राज्य उन अग्रणी प्रदेशों में सम्मलित है जहां वैक्सीन का सबसे कम वेस्टेज हुआ है। उन्होंने कहा कि चिकित्साकर्मियों ने वैक्सीन की प्रत्येक वॉयल में से 10 के अतिरिक्त उपलब्ध डोज का उपयोग किया, जिससे प्रदेश में वैक्सीन की आपूर्ति के अनुपात में 1.8 प्रतिशत अधिक वैक्सीनेशन हो सका।
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि डब्ल्यूएचओ के अनुसार देश के जिन 16 राज्यों में अनुमत श्रेणी के अलावा वैक्सीन वेस्ट हुई है, उसमें प्रदेश का नाम तक नहीं है। संगठन द्वारा जारी रिपोर्ट में 1 मई से 29 जून, 2021 तक का डेटा शामिल है। उन्होंने कहा कि चिकित्साकर्मियों ने पूर्ण दक्षता के साथ वैक्सीनेशन कर तय डोजेज से भी ज्यादा संख्या में वैक्सीनेशन किया है।
डॉ. शर्मा ने कहा कि 21 जून से हम वैक्सीन की उपलब्धता के लिए पूर्ण रूप से केन्द्र पर निर्भर है। देश के अन्य राज्यों को जहां उनकी मांग के अनुसार वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही है वहीं राजस्थान को यह सुविधा नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की ओर से प्रदेश को जुलाई माह के लिए 65 लाख कोरोना वैक्सीन डोज का आवंटन किया गया है। जबकि प्रदेश में दूसरी डोज के लिए ही करीब 75 लाख डोज की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त प्रथम डोज के लिए भी करीब इतनी ही डोज की जरुरत है। इस सबंध में मुख्यमंत्री द्वारा भी प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर करीब 1.5 करोड़ डोज की मांग की जा चुकी है।
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि कोरोना के नए वैरिएंट मिलने से संक्रमण के तेज होने की आशंका अधिक बढ़ गई है। ऎसे में वैक्सीनेशन को प्रक्रिया को तेज करने की आवश्यकता है। क्योंकि वैक्सीन और कोरोना एप्रोप्रिएट बिहेवियर से कोरोना संक्रमण से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा अनलॉक 4.0 के बाद से बाजारों में काफी भीड़ देखी जा रही है जो कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर का प्रमुख कारण बन सकती है।
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोविड-19 के नए वेरिएंट कप्पा से संक्रमित 11 मरीज मिले हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि कप्पा, डेल्टा और डेल्टा प्लस वैरीएंट के मुकाबले मध्यम तरीके का है लेकिन कोरोना प्रोटोकॉल की पालना नहीं करने पर इस वैरिएंट से भी काफी खतरा हो सकता है। उन्होंने बताया कि कप्पा के मिले 11 मरीजों में से 4-4 अलवर और जयपुर, 2 बाड़मेर से और 1 भीलवाड़ा से है। उन्होंने आमजन से अभी भी पूर्ण अनुशासन के साथ कोरोना एप्रोप्रियेट बिहेवियर अपनाने की आवश्यकता जताई है।
Byline/Credit by : Dinesh Bhatt
Email:dinesh.bhatt@newsagencyindia.com
Disclaimer : All the information on this website is published in good faith and for general information purpose only. www.newsagencyindia.com does not make any warranties about the completeness, reliability and accuracy of this information. Any action you take upon the information you find on this website www.newsagencyindia.com , is strictly at your own risk

https://play.google.com/store/apps/details?id=com.wincompete&hl=en