जयपुर, 25 मार्च। एक दिवसीय'राजस्थान ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स कॉन्क्लेव— 2026 (जीसीसी)' का बुधवार को जयपुर में आयोजन हुआ ।
कार्यक्रम में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि राजस्थान सरकार द्वारा लागू ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स पॉलिसी— 2025 का उद्देश्य राज्य को वैश्विक निवेश और तकनीकी नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाना है। इस नीति के माध्यम से बहुराष्ट्रीय कंपनियों को आकर्षित कर सेवा और डिजिटल सेक्टर को सशक्त किया जा रहा है।
श्री राठौड़ ने बताया कि इस पॉलिसी के तहत वर्ष 2030 तक राज्य में 200 से अधिक जीसीसी स्थापित करने तथा लगभग 1.5 लाख रोजगार सृजित करने का लक्ष्य है। यह पहल युवाओं को उच्च कौशल आधारित रोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान अब इज ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ-साथ इज ऑफ ग्रोइंग बिजनेस की अवधारणा पर काम किया है। इसके तहत राइजिंग राजस्थान समिट के तहत 35 लाख करोड़ के एमओयू हुए हैं, जिसमें से 8 लाख करोड़ के धरातल पर आ चुके हैं। इसके साथ ही पिछले साल अप्रैल से दिसंबर तक रीको द्वारा औसतन 7 औद्योगिक प्लॉट प्रतिदिन आवंटित किए गए हैं जो कि अपने आप में एक कीर्तिमान है।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने कहा कि राजस्थान में जीसीसी के लिए अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र तेजी से विकसित हो रहा है और यह राज्य को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बना रहा है। राज्य सरकार ने निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था की है, जिससे निर्धारित समय सीमा में स्वीकृतियां प्रदान की जा रही हैं। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री शिखर अग्रवाल ने जीसीसी पॉलिसी— 2025 का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए जानकारी साझा की, राज्य की नीतिगत पहलों और निवेश संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर रिको एमडी श्रीमती शिवांगी स्वर्णकार, जेडीए सचिव श्री निशांत जैन व विभिन्न हितधारक उपस्थित रहे।