मोबाईल टावरों से हो रहा है रेडियेशन, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं पर 71.76 करोड़ का जुर्माना
जयपुर, 30 जुलाई। राज्यसभा में सांसद नीरज डांगी द्वारा मोबाईल टावरों से रेडिएशन (विकिरण) एवं इससे होने वाली गंभीर बिमारियों की आशंकाओं पर सरकार को स्थिति स्पष्ट करने के बारे में पूछे गए प्रश्न के जवाब में केन्द्रीय संचार राज्य मंत्री देवुसिंह चौहान ने बताया की पिछले पांच वर्षो के दौरान 9 राज्यों की 162 बी.टी.एस द्वारा इलेक्ट्रो मैग्नेटिक फील्ड (ई.एम.एफ.) विकिरण के निर्धारित मापदंडों का उल्लंघन करने की शिकायतों की जांच करने पर निर्धारित ई.एम.एफ. विकिरण सीमाओं से अधिक विकिरण पाये गये।
चौहान ने बताया कि ऎसे उल्लंघन करने वाले दूरसंचार सेवा प्रदाताओं में एयरटेल, एयरसेल, आईडिया, वोडाफोन, आरकॉम, आर.जे.आई.एम. टी.टी.एस.एल., इत्यादि शामिल है। विगत पांच वर्षो में इन कंपनियों पर 21.76 करोड़ रूपये का जुर्माना लगाया गया है, परन्तु वसूली मात्र 3.67 करोड़ की ही हो पाई है।
उन्होंने बताया कि देश में वर्तमान में 6 लाख 63 हजार 411 मोबाइल टॉवर हैं। जिनमें से राजस्थान में 35,869 मोबाईल टावर स्थापित किये गये है। पूरे भारत में विभिन्न मोबाइल टॉवर में संस्थापित बेस ट्रांसीवर स्टेशन (बी.टी.एस.) के लिए निर्धारित वर्तमान इलेक्ट्रो मैग्नेटिक फील्ड (ई.एम.एफ.) विकिरण की ई-फील्ड स्ट्रेंथ एवं एच-फील्ड स्ट्रेंथ सीमाएं निर्धारित की गई है।
केन्दीय संचार मंत्री ने बताया की सरकार ने निर्धारत मानको के उल्लंघन को रोकने के लिए दूरसंचार सेवा प्रदाता (टी.एस.पी.) बेस ट्रांसीवर स्टेशन (बी.टी.एस.) स्थल की कॉमर्शयल शुरूआत करने के पश्चात् उल्लंघन करने पर मार्च, 2019 से जुर्माने की राशि 10 लाख रूपये से बढ़ाकर 20 लाख रूपये प्रति साईट कर दिया है।
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