जयपुर, 08 जनवरी। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना एवं राज्य की 150 यूनिट निःशुल्क बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर गुरूवार को शासन सचिवालय में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने समीक्षा की।
बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार गैर नवीकरणीय ऊर्जा पर स्त्रोतों पर निर्भरता कम कर प्रदेश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी कार्यालयों में भी सोलर रूफ टॉप इंस्टॉलेशन कराने की दिशा में अधिक से अधिक कार्य हो।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों को सस्ती एवं स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा राज्य सरकार इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ा जाए और समयबद्ध लक्ष्य निर्धारण के साथ प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
गौरतलब है कि प्रदेश में अब तक प्रधानमंत्री सूर्य योजना के तहत 1,23,701 रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाए जा जा चुके हैं और राजस्थान राष्ट्रीय स्तर पर पाँचवे स्थान पर है। यह प्रगति प्रदेश को अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में निरंतर अग्रणी बना रही है।
बैठक में प्रदेश में रूफ टॉप सोलर इंस्टॉलेशन की वर्तमान स्थिति, स्वीकृत एवं लंबित आवेदनों की संख्या, सब्सिडी स्वीकृति तथा ग्रिड कनेक्शन की प्रगति का प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया।
राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री रोहित गुप्ता ने सरकारी कार्यालयों को सोलर रूफ टॉप से जोड़ने की दिशा में हुई प्रगति से अवगत कराया।
बैठक में ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अजिताभ शर्मा, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव श्री वैभव गालरिया, राजस्थान डिस्कॉम की अध्यक्ष सुश्री आरती डोगरा भी उपस्थित रहीं।