हाई कोर्ट के निर्णय से पहले स्कूल संचालक नहीं ले सकते किसी भी तरह की फीस !
प्राइवेट स्कूलों द्वारा कोरोना काल के दौरान फीस लिए जाने को लेकर अधिवक्ता सुनील समदड़िया, राज्य सरकार और अन्य अभिभावकों की याचिकाओ पर संयुक्त रूप से सुनवाई करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाई ।
राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महंती एवं न्यायाधीश सतीश शर्मा की खंड़पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि स्कूलों द्वारा 2016 स्कूल फीस रेगुलेशन एक्ट की पालना नहीं की जा रही है। खंडपीठ ने राज्य सरकार से पूछा कि सरकार ने अब तक स्कूल फीस एक्ट की पालना राज्य में क्यो नहीं करवाई है ? इस बावत खंडपीठ ने राज्य सरकार को कमेटी गठित करने के आदेश दिये है।

https://play.google.com/store/apps/details?id=com.wincompete&hl=en
कोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि 6 महीनों से अभिभावक सड़कों पर है। सरकार ने क्या एक्शन लिया? कानून की व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी है ? वहीं कोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है।
सुनवाई के दौरान संयुक्त अभिभावक समिति की ओर से अधिवक्ता अमित छंगाणी बहस में शामिल थे। छंगाणी के अनुसार कि स्कूल फीस वसूली पर लगाई रोक आगे भी जारी रहेगी। जब तक कोर्ट कोई निर्णय नही दे देती है, तब तक कोई भी स्कूल संचालक किसी भी तरह की फीस नहीं वसूल सकेंगे।
Disclaimer : All the information on this website is published in good faith and for general information purpose only. www.newsagencyindia.com does not make any warranties about the completeness, reliability and accuracy of this information. Any action you take upon the information you find on this website www.newsagencyindia.com , is strictly at your own risk