ये कोई तालाब नहीं,रेलवे स्टेशन उदयपुर के बाहर का है नज़ारा !
उदयपुर रेलवे स्टेशन के बाहर बारिश के दिनों में पानी भरना अब आम बात हो चली है। सैकड़ो जिम्मेदार अफसर इस रोड से रोज आँख मूँद कर गुज़र जाते है। लेकिन कभी कोई नगर निगम का अधिकारी ये सोच नहीं पाया कि आखिर इस जल भराव का कारण क्या है और कौन कौन सी नालियाँ बंद है। चुपचाप गुज़र जाना फितरत बन गयी है इनकी।
आपको बताते चले कि इस पारस से उदियापोल तक की रोड का निर्माण अभी हाल में कुछ महीनों पहले ही हुआ था ।पहली बारिश को झेल न पाने वाली सड़क की ओर कई अन्य तकनीकी खामियाँ भी है। पी.डब्ल्यू.डी.विभाग द्वारा बनवायी गयी नयी सड़क में रेलवे स्टेशन के बाहर सड़क की ढलान पर अब भी बारिश में तालाब बन जाता है और पानी निकासी की तरफ सड़क बनाने वालों का ध्यान नहीं गया है ।
मिलिट्री एरिया के गेट के सामने रोड धंस गयी गयी है और साथ ही रोड के बीच और किनारे लगने वाली सफ़ेद पट्टी अभी से गायब होने लगी है। यही नहीं रोड पर लगायी जाने वाली कैट आई (CAT EYE -चौकोर लोहे की छोटी पट्टिया) भी लगाने के दूसरे दिन ही टूटने लग गयी थी। डिवाइडर पर जो कलर नगर निगम द्वारा करवाया गया है उसकी गुणवत्ता भी संदेहास्पद है।
प्रश्न यह है कि कैसे नयी सड़क पहली बारिश में ही धंस गयी ?क्वालिटी चेक किस अधिकारी ने किया था ? क्यों कैट आई एक दो दिन में ही टूट गए ?क्यों पानी की निकासी का ख्याल रखा नहीं गया ? क्यों रोड के बीच और किनारे लगने वाली सफ़ेद पट्टी अभी से गायब होने लगी है?
प्रश्न बहुत है। हम तो पूछेंगे...