टिकैत के इमोशनल कार्ड से गाजीपुर से पुलिस की देर रात वापसी, गाजीपुर बॉर्डर पर रातोरात पलट गई बाजी !
किसान आंदोलन गणतंत्र दिवस की हिंसा के बाद कुछ ढीला पड़ता नज़र आ रहा था लेकिन बीती रात कुछ ऐसा हुआ कि खत्म होता आंदोलन फिर से खड़ा होता दिखाई दे रहा है। महत्वपूर्ण बात ये है कि किसान आंदोलन का पूरा पावर सेंटर सिंघु बॉर्डर नहीं बल्कि दिल्ली-यूपी के गाजीपुर बॉर्डर पर शिफ्ट कर दिया गया है। आपको बताते चले कि भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत की अगुवाई में यहां प्रदर्शनकारी दो महीनों से जमा हैं। पिछले दिन ही उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी को हटाने का आदेश दिया था और दोपहर तक आंदोलन समाप्त होता भी दिखाई भी दे रहा था, लेकिन यूपी सरकार अपनी की मंशा पर टिकैत और उनकी टीम द्वारा इमोशनल कार्ड खेलकर पानी फेर दिया गया और कुछ ही घंटों में गाजीपुर बॉर्डर की तस्वीर बदल गई।
26 जनवरी के बाद कई किसान आंदोलन छोड़कर अपने-अपने घरों को लौट गए थे लेकिन अब वे दोबारा दिल्ली की तरफ बढ़ चुके हैं। कल शाम राकेश टिकैत के रोने की खबर हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फैलते ही किसान लामंबद होना शुरू हो गए थे। इसका असर ये हुआ कि हरियाणा के जींद, हिसार, भिवानी और गाजियाबाद से किसानों के लौटने की तस्वीरें सामने आने लगी। सभी किसानों ने साफ कर दिया है कि वे किसी भी हाल में आंदोलन को कमजोर या खत्म नहीं होने देंगे।
वही देर रात गाजीपुर बॉर्डर से अचानक सुरक्षाकर्मियों को हटा लिया गया। फिलहाल बॉर्डर पर सभी पीएसी जवानों को क्यों हटाया गया है, इसकी जानकारी अभी तक सामने नहीं आ पाई है। हालांकि सुरक्षाकर्मियों द्वारा कहा गया कि सुबह से ड्यूटी पर तैनात थे, अब जाने के लिए बोला गया है।
केंद्र ने गाजीपुर बॉर्डर पर रैपिड एक्शन फोर्स की चार कंपनियों की तैनाती 4 फरवरी तक बढ़ा दी है। आरएएफ की तैनाती किसान आंदोलन के मद्देनज़र ही की गई है। पहले आरएएफ की तैनाती सिर्फ 28 जनवरी तक ही थी लेकिन अब इसे बढ़ाया गया है।
इससे पहले गुरुवार दोपहर को दिल्ली पुलिस की ओर से राकेश टिकैत को नोटिस थमाया गया था। ट्रैक्टर परेड के दौरान तय शर्तों को तोड़ने, किसानों को उकसाने के मामले में दिल्ली पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर पर जाकर ही नोटिस दिया। इसके कुछ ही देर बाद राकेश टिकैत ने दोपहर को दिए गए भाषण में ये संकेत दिए कि आज रात को ही आंदोलन खत्म होगा। पहले सरेंडर की बात चली, फिर गिरफ्तारी की बात भी हुई। दूसरी ओर राकेश टिकैत के भाई नरेश टिकैत ने भी अपने गांव में ऐलान कर दिया कि गुरुवार को ही गाजीपुर का धरना खत्म होगा।
देर रात को जब पुलिसवालों ने राकेश टिकैत को समझाने की कोशिश की तो वो नहीं माने। मीडिया से बात करते हुए राकेश टिकैत खूब रोए और कहा कि किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है। उसके बाद राकेश टिकैत ने धमकी देते हुए कहा कि अगर तीनों कानून वापस नहीं हुए तो वो आत्महत्या कर लेंगे। इसके बाद राकेश टिकैत ने अनशन शुरू किया और धरना स्थल से ना हटने की बात कही। देखते ही देखते प्रदर्शनकारियों में फिर जोश आ गया, मुजफ्फरनगर में भी नरेश टिकैत ने हजारों समर्थकों को संबोधित किया और महापंचायत का ऐलान कर दिया। इतना ही नहीं देर रात को पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा के कई गांवों से किसान ट्रैक्टर लेकर निकल पड़े और गाजीपुर बॉर्डर तक पहुंचे।

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