प्रधानमंत्री मोदी ने लॉक डाउन बढ़ाने की करी घोषणा, 3 मई 2020 तक रहेगा जारी!
20 अप्रैल तक हर जिले हर गांव हर राज्य की स्थिति का आंकलन किया जाएगा। उसके बाद आंकलन कर आवश्यक सेवाओं को अनुमति दी जाएगी। जो इलाके कोरोना हॉट स्पॉट नही है ,उन इलाकों को 20 अप्रैल के बाद सशर्त छूट दी जा सकती है।अगर कोई इलाका वापस हॉट स्पॉट बन जाता है तो दी गयी छूट वापस ली जा सकती है।प्रधानमंत्री मोदी ने देश के उद्योगपतियों, मालिक वर्ग से कहा कि किसी को भी नौकरी से ना निकालें। राष्ट्र को जीवंत और जागरूक बनाये रखें।सभी का यही सुझाव है कि लॉकडाउन को बढ़ाया जाए। कई राज्य तो पहले से ही लॉकडाउन को बढ़ाने का फैसला कर चुके हैं। साथियों, सारे सुझावों को ध्यान में रखते हुए ये तय किया गया है कि भारत में लॉकडाउन को अब 3 मई तक और बढ़ाना पड़ेगा।
कोरोना जिस तरह फैल रहा है,उसने विश्व भर में हेल्थ एक्सपर्ट्स और सरकारों को और ज्यादा सतर्क कर दिया है।भारत में भी कोरोना के खिलाफ लड़ाई अब आगे कैसे बढ़े,इसे लेकर मैंने राज्यों के साथ निरंतर बात की है।
अगर सिर्फ आर्थिक दृष्टि से देखें तो अभी ये मंहगा जरूर लगता है लेकिन भारतवासियों की जिंदगी के आगे,इसकी कोई तुलना नहीं हो सकती।सीमित संसाधनों के बीच,भारत जिस मार्ग पर चला है, उस मार्ग की चर्चा आज दुनिया भर में हो रही है।
बाबा साहेब डॉक्टर भीम राव आंबेडकर की जन्म जयंती पर,हम भारत के लोगों की तरफ से अपनी सामूहिक शक्ति का ये प्रदर्शन,ये संकल्प,उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है।
लॉकडाउन के इस समय में देश के लोग जिस तरह नियमों का पालन कर रहे हैं,जितने संयम से अपने घरों में रहकर त्योहार मना रहे हैं,वो बहुत प्रशंसनीय है।
आपकी तपस्या,आपके त्याग की वजह से भारत अब तक,कोरोना से होने वाले नुकसान को काफी हद तक टालने में सफल रहा है।
लेकिन आप देश की खातिर,एक अनुशासित सिपाही की तरह अपने कर्तव्य निभा रहे हैं।हमारे संविधान में जिस We the People of India की शक्ति की बात कही गई है,वो यही तो है।
मैं जानता हूं,आपको कितनी दिक्कते आई हैं। किसी को खाने की परेशानी,किसी को आने-जाने की परेशानी,कोई घर-परिवार से दूर है।
भारत ने holistic approach ने अपनाई होती,integrated approach न अपनाई होती,तेज फैसले न लिए होते तो आज भारत की स्थिति कुछ और होती।लेकिन बीते दिनों के अनुभवों से ये साफ है कि हमने जो रास्ता चुना है, वो सही है।
जब हमारे यहां कोरोना के सिर्फ 550 केस थे,तभी भारत ने21 दिन के संपूर्ण लॉकडाउन का एक बड़ा कदम उठा लिया था।भारत ने,समस्या बढ़ने का इंतजार नहीं किया,बल्कि जैसे ही समस्या दिखी, उसे,तेजी से फैसले लेकर उसी समय रोकने का प्रयास किया।
आज पूरे विश्व में कोरोना वैश्विक महामारी की जो स्थिति है,आप उसे भली-भांति जानते हैं।अन्य देशों के मुकाबले,भारत ने कैसे अपने यहां संक्रमण को रोकने के प्रयास किए,आप इसके सहभागी भी रहे हैं और साक्षी भी ।
यानि 3 मई तक हम सभी को,हर देशवासी को लॉकडाउन में ही रहना होगा।इस दौरान हमें अनुशासन का उसी तरह पालन करना है,जैसे हम करते आ रहे हैं।हम धैर्य बनाकर रखेंगे,नियमों का पालन करेंगे तो कोरोना जैसी महामारी को भी परास्त कर पाएंगे।
इसी विश्वास के साथ अंत में,
मैं आज 7 बातों में आपका साथ मांग रहा हूं।
पहली बात-
अपने घर के बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।विशेषकर ऐसे व्यक्ति जिन्हें पुरानी बीमारी हो,उनकी हमें Extra Care करनी है, उन्हें कोरोना से बहुत बचाकर रखना है।
दूसरी बात-
लॉकडाउन और Social Distancing की लक्ष्मण रेखा का पूरी तरह पालन करें ,घर में बने फेसकवर या मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
तीसरी बात-
अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए, आयुष मंत्रालय द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें,गर्म पानी,काढ़ा,इनका निरंतर सेवन करें।
चौथी बात-
कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने में मदद करने के लिए आरोग्य सेतु मोबाइल App जरूर डाउनलोड करें।दूसरों को भी इस App को डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करें।
पांचवी बात-
जितना हो सके उतने गरीब परिवार की देखरेख करें,उनके भोजन की आवश्यकता पूरी करें।
छठी बात-
आप अपने व्यवसाय, अपने उद्योग में अपने साथ काम करे लोगों के प्रति संवेदना रखें,किसी को नौकरी से न निकालें।
सातवीं बात-
देश के कोरोना योद्धाओं,हमारे डॉक्टर- नर्सेस,सफाई कर्मी-पुलिसकर्मी का पूरा सम्मान करें।पूरी निष्ठा के साथ 3 मई तक लॉकडाउन के नियमों का पालन करें,जहां हैं,वहां रहें,सुरक्षित रहें।
"वयं राष्ट्रे जागृयाम”,हम सभी राष्ट्र को जीवंत और जागृत बनाए रखेंगे।आज भारत के पास भले सीमित संसाधन हों,लेकिन मेरा भारत के युवा वैज्ञानिकों से विशेष आग्रह है कि विश्व कल्याण के लिए,मानव कल्याण के लिए,आगे आएं,कोरोना की वैक्सीन बनाने का बीड़ा उठाएं।भारत में आज हम एक लाख से अधिक Beds की व्यवस्था कर चुके हैं।इतना ही नहीं,600 से भी अधिक ऐसे अस्पताल हैं, जो सिर्फ कोविड के इलाज के लिए काम कर रहे हैं।इन सुविधाओं को और तेजी से बढ़ाया जा रहा है।हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर भी हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।जहां जनवरी में हमारे पास कोरोना की जांच के लिए सिर्फ एक लैब थी,वहीं अब 220 से अधिक लैब्स में टेस्टिंग का काम हो रहा है।अब नई गाइडलइंस बनाते समय भी उनके हितों का पूरा ध्यान रखा गया है।
इस समय रबी फसल की कटाई का काम भी जारी है।केंद्र सरकार और राज्य सरकारें मिलकर,प्रयास कर रही हैं कि किसानों को कम से कम दिक्कत हो।जो रोज कमाते हैं,रोज की कमाई से अपनी जरूरतें पूरी करते हैं,वो मेरा वृहद परिवार हैं।मेरी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में एक,
इनके जीवन में आई मुश्किल को कम करना है।इसलिए,न खुद कोई लापरवाही करनी है और न ही किसी और को लापरवाही करने देना है।कल इस बारे में सरकार की तरफ से एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की जाएगी।जो क्षेत्र इस अग्निपरीक्षा में सफल होंगे,जो Hotspot में नहीं होंगे,और जिनके Hotspot में बदलने की आशंका भी कम होगी,वहां पर 20 अप्रैल से कुछ जरूरी गतिविधियों की अनुमति दी जा सकती है।अगले एक सप्ताह में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में कठोरता और ज्यादा बढ़ाई जाएगी।
20 अप्रैल तक हर कस्बे,हर थाने,हर जिले,हर राज्य को परखा जाएगा, वहां लॉकडाउन का कितना पालन हो रहा है,उस क्षेत्र ने कोरोना से खुद को कितना बचाया है,ये देखा जाएगा। इसलिए हमें Hotspots को लेकर बहुत ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी।जिन स्थानों के Hotspot में बदलने की आशंका है उस पर भी हमें कड़ी नजर रखनी होगी।नए Hotspots का बनना,हमारे परिश्रम और हमारी तपस्या को और चुनौती देगा।
मेरी सभी देशवासियों से ये प्रार्थना है कि अब कोरोना को हमें किसी भी कीमत पर नए क्षेत्रों में फैलने नहीं देना है। स्थानीय स्तर पर अब एक भी मरीज बढ़ता है तो ये हमारे लिए चिंता का विषय होना चाहिए।