पीछोला से अवैध जेट्टियों को हटाने में अधिकारियों को लगता है डर,उदयपुर ग्रामीण विधायक ने विधानसभा में उठाया मुद्दा !
उदयपुर की पिछोला झील में होटल वालों द्वारा अवैध नाव और जेट्टियों के संचालन को लेकर न्यूज़ एजेंसी इंडिया ने 27 जनवरी 2019 से लगातार मुहिम चलाकर फोटो और वीडियो के माध्यम से अपने पाठकों को बताया था कि किस तरह प्रशासन और होटल वालों की मिलीभगत से पिछोला झील में नावों,जेट्टियों और पोन्टून का संचालन कर अवैध रूप से पर्यटकों को पिछोला झील में घुमाया जाता है जबकि इनके पास नगर निगम द्वारा केवल अपने पर्यटकों को पिछोला झील के किनारे से होटल तक लाने के ही स्वीकृति है। इन होटल वालों में कुछ ने इतनी बड़ी जेट्टियाँ पीछोला झील में डाल रखी है कि इन पर कैबिन बन गए है और बैठने के लिए कुर्सियाँ और खाने के लिए मेज़ तक लगी हुई है।
इसी क्रम में न्यूज़ एजेंसी इंडिया ने बहुत पहले ही पिछोला झील में तैरते रेस्टोरेंट रूपी नाव के संचालन का जिक्र कर अवैध रूप से शराब परोसने की बात अपने पाठ को तक पहुंचाई थी। इसी संदर्भ में विधानसभा में गुरुवार को उदयपुर ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा ने सदन में अपनी आवाज उठाते हुए कहा कि अफसरों की मेहरबानी से उदयपुर की झीलों में मनमर्जी का खेल चल रहा है।उदयपुर ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा बोले -" उदयपुर झीलों की नगरी है और अगर जिलों की ढंग से सार संभाल नहीं होगी तो कौन पर्यटक उदयपुर आना चाहेगा ? पिछोला झील में नाव को संचालन को लेकर कोई नियम कायदे तय नहीं है और इसी खामी का फायदा उठाकर होटल वाले मनमाने तौर पर झील में जरूरत से ज्यादा जेट्टियाँ लगाए हुए हैं। अलग-अलग विभागों से इन लोगों ने जुगाड़ कर एनओसी ले रखी है और इस एनओसी को ही यह लोग अधिकृत तौर पर लाइसेंस मान बैठे हैं। "
फूल सिंह मीणा ने यहां तक कहा कि इन होटल वालों पर अफसरों के साथ आईएएस अफसरों तक की मेहरबानी है और यह लोग जुगाड़ कर किसी तरह के से पीछोला झील में अवैध तौर पर नाव और जेट्टियाँ संचालित कर रहे हैं।
होटल और अवैध जेट्टियाँ :
अब आपको बताते हैं कि कितनी अवैध जेट्टियाँ पिछोला झील में तैर रही है ? सबसे ज्यादा लगभग सात अवैध जेट्टियाँ पिछोला की पाल पर राज परिवार द्वारा संचालित एचआरएच ग्रुप द्वारा अब तक लगाई गई हैं। 400 मीटर के दायरे में 7 नावों की जेट्टियाँ की स्वीकृति होना संदेहास्पद ही नहीं बल्कि न्यायोचित भी नहीं है। पीछोला झील के बीच एचआरएच ग्रुप द्वारा संचालित जग मन्दिर में दो अवैध जेट्टियाँ संचालित हो रही है। यही नहीं एचआरएच ग्रुप का एक नाव रूपी पार्टी प्लेटफॉर्म आज भी पीछोला झील में पड़ा हुआ है।
इसके साथ ही शहर की सबसे नामी सितारा होटल ताज लेक पैलेस ने एक जेट्टी अवैध तौर पर अपनी होटल के पीछे लगा रखी है जिस पर होटल के लोगों ने टेन्ट रूपी आकृति बना रखी है ताकि लोगों को यह अंदाजा न लग पाए कि ताज लेक पैलेस पीछोला झील में अवैध तौर पर जेटी का संचालन कर रहा है। इसके साथ ही ताज लेक पैलेस होटल की बाहरी सफाई और रखरखाव के लिए अवैध पोन्टून का इस्तेमाल भी किया करता है।
कुछ होटल वाले देर रात इन पोन्टून पर कपल डिनर का आयोजन कर लाखों रूपये कूट कर झील के जलीय तन्त्र को बर्बाद कर रहे है।
ओबेरॉय उदय विलास होटल के पीछोला किनारे पर भी दो छोटी अवैध जेट्टियाँ लगी हुई है। होटल वाले सफाई देते है कि इनके होटल के सामान को अलग कार्गो जेट्टियों पर लाया जाता है ताकि पर्यटकों को दिक्कत न हो। (चाहे झील पर अतिक्रमण ही क्यों न करना पड़े ? चाहे अवैध जेट्टी ही क्यों न लगानी पड़े !)
शहर की एक नामी सितारा होटल को जब न्यूज़ एजेंसी इंडिया ने उनकी एक अवैध जेट्टी के बारे में बताया तो तुरंत गलती स्वीकार करते हुए उन्होनें एक दिन में ही उस जेट्टी को पीछोला झील से बाहर निकाल दिया।
अधिकारियों और होटल वालों का गठजोड़ ऐसा है कि नगर निगम उदयपुर द्वारा सीज़ की गयी जेट्टी और नाव आज तक पीछोला झील से हट नहीं पायी है। साथ ही होटल वाले धौंस जमाते हुए छोटे अधिकारी को बोलते है कि आपके वरिष्ठ अधिकारी तो हमारी होटल पर आते ही रहते है। ऐसा वाक्या न्यूज़ एजेंसी इंडिया की टीम के सामने भी घटित हुआ जब एक होटल वाले ने कार्यवाही करने वाले सरकारी अधिकारी को ये बात सबके सामने कह डाली।