जयपुर, 18 मार्च। अजमेर एवं ब्यावर जिले में आगामी गर्मी के सीजन में पेयजल की कोई कमी नहीं रहे, इसे सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री कन्हैयालाल ने बुधवार को अजमेर जिला मुख्यालय पर सम्बंधित अधिकारियों की बैठक लेकर प्रगतिरत परियोजनाओं की समीक्षा की तथा इनके पूर्ण होने तक की वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारियों पर चर्चा की।
श्री कन्हैयालाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा ग्रीष्म ऋतु में प्रत्येक व्यक्ति तक पेयजल पहुंचाने के लिए संवेदनशील है। इसके लिए पेयजल तंत्र के मरम्मत, अतिरिक्त ट्यूबवेल, टेंकर सप्लाई आदि कार्यों के लिए 200 करोड़ की राशि के कार्यादेश किए गए है। प्रत्येक जिला कलक्टर को आपात पेयजल व्यवस्था के लिए एक करोड़ रूपये तथा जल जीवन मिशन में मरम्मत के लिए 25 लाख रूपये खर्च करने की शक्ति दी है।
उन्होंने कहा कि जल जीवन-मिशन 2.0 में मंगलवार को जल शक्ति मंत्रालय तथा राजस्थान सरकार के मध्य हुए एमओयू के लिए हम सब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के आभारी हैं।
उन्होंने कहा कि पूर्व में जल स्त्रोत विकसित किए बिना केवल कनेक्शन देने का कार्य किया। इस कारण मांग एवं आपूर्ति के मध्य का अंतर बढ़ गया। अब सरकार पहले जल स्त्रोत विकसित कर जल प्रणाली तैयार कर रही है। इससे प्राप्त जल के भण्डारण तथा फिल्टर की व्यवस्था करने के उपरांत ही कनेक्शन दिए जाएंगे। अजमेर शहर के लिए बनी जल प्रदाय योजना की अवधि पूर्ण हो चुकी थी। नई योजना के लिए कोई कार्य नहीं किया गया । अब सरकार ने बीसलपुर में इण्टेक वेल पर कार्य आरम्भ कर दिया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने बड़ी परियोजनाओं के लिए एक हजार करोड़ से अधिक के कार्य आरम्भ कर दिए है। इसी प्रकार सिंचाई विभाग द्वारा 165 करोड़ से अधिक के कार्यादेश जारी किए गए हैं। अजमेर शहर की पेयजल आपूर्ति 48 घंटे में सुनिश्चित करने के लिए लगभग 400 करोड़ की अतिरिक्त राशि उपलब्ध करवाई गई है। इसके कार्यादेश 15 अप्रेल तक जारी होंगे। पेयजल आपूर्ति में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिले में अवैध कनेक्शन करने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। बिठुर गांव में अवैध कनेक्शन करने वालों पर कठोर कार्रवाई के लिए अजमेर पुलिस अधीक्षक से फोन पर बात की। समस्त थानाधिकारियों को अवैध कनेक्शन करने वालों पर एक्शन लेने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि अधिकारी लगातार क्षेत्र में रहें। जन प्रतिनिधियों तथा आमजन के फोन करने पर तत्काल समाधान होना चाहिए। सभी अधिकारी सक्षम स्तर से स्वीकृति उपरांत ही मुख्यालय छोड़ेंगे। रूपनगढ़ और मसूदा में अंतिम सिरे तक भी पेयजल पहुंचाना सुनिश्चित करें। जिले में क्षेत्र की आवश्यकता के अनुरूप अधिशाषी अभियंता क्षेत्रों का पुन: निर्धारण करने के प्रस्ताव तैयार किए जाएं। क्षेत्र के समस्त हैण्डपम्प कार्यशील होने चाहिए। टैंकर सप्लाई के लिए पाक्षिक आधार पर बिल पास होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्राप्त पेयजल का समान अनुपात में वितरण सुनिश्चित करें। प्रत्येक बसावट तक बराबर पानी पहुंचे। आगामी 15 दिवस में व्यवस्था में सुधार नहीं करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। संसाधन पर्याप्त हैं, अधीक्षण अभियंता के रिक्त पद को भी तत्काल भरा जाएगा।
जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने सुझाव दिया कि रूपनगढ़ क्षेत्र की जल जीवन मिशन से वंचित बसावटों में भी पेयजल आपूर्ति होनी चाहिए। पुष्कर विधानसभा क्षेत्र में कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति का अंतराल अधिक है। इसके कम किए जाने की आवश्यकता है। पुष्कर में भी पेयजल आपूर्ति नियमित हो।
विधायक श्री रामस्वरूप लांबा ने ब्रिक्चियावास, लामाना, अंसली, भीमपुरा, तीतरड़ी तथा रामपुरा में सुचारू पेयजल सप्लाई करने के लिए कहा। इसी प्रकार विधायक श्री विरेन्द्र सिंह कानावत ने माइला, झाक, कानाखेड़ा, अंधेरी देवरी क्षेत्रों में नियमित पेयजल आपूर्ति करने की बात कही।
इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य अभियंता अजमेर श्री रामचन्द्र राड़, परियोजना श्री गोपेश गर्ग, अधीक्षण अभियंता परियोजना अजमेर श्री राजीव कुमार, ब्यावर श्री श्रवण सिंह खीड़िया एवं ग्रामीण अजमेर श्री नरेन्द्र कुमार ऎरण सहित जलदाय विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।