मछली मारों के आगे पुलिस बेबस,उदयपुर में जगह जगह पकड़ रहे अवैध तरीके से मछलियाँ !
जैसे ही पीछोला से ओवरफ्लो शुरू हुआ कि उदयपुर के ठलुआ टाइप के लोग नदी नालों और रपटों पर मछली पकड़ने दौड़ पड़े है। मत्स्य प्रजनन के इस समय में जब मछली पकड़ने पर रोक है वही झील में आप ठेकेदार के आदमियों को भी मछली पकड़ते देख सकते है।
वही कई उदयपुरवासी स्वरुप सागर,पीछोला,फतहसागर ,आहड नदी और आलू फैक्ट्री सरीखी कई जगहों पर मछली पकड़ते देखे जा सकते है। कई जगह तो आप छोटे छोटे बच्चों को रपट पर हाथ में जाल लिए मछली पकड़ते देख सकते है। ऐसे तेज़ बहाव में कभी भी कोई भी बच्चा बह सकता है या डूब सकता है लेकिन पुलिस सहित उदयपुर प्रसाशन को इस बात की कोई फिक्र दिखती नज़र नहीं आती।
कुछ उदयपुर शहर वासी तो अल सुबह झीलों के किनारे पहुंच कांटे के माध्यम से रोज मछली मार कर ले जा रहे है। प्रजनन के सीजन में मछली मारना अपराध है और वैसे भी अवैध रूप में मछली मारना भी अपराध की श्रेणी में आता है। पुलिस विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है और कानून की सरे राह धज्जियाँ उड़ायी जा रही है। अगर कोई रपट या झीलों के आसपास पुलिस से शिकायत करता है तो पुलिस वाले पल्ला झाड़ कर कहते है कि हम पानी में कैसे जाये ?आप 100 नंबर पर शिकायत कर दीजिये।
बदहाल उदयपुर और ख़ुशहाल सिस्टम !