मध्य प्रदेश कांग्रेस शाषन में मंदिर से लाउड स्पीकर हटाने के आदेश से लोगों में जबरदस्त गुस्सा !
सोमवार को आष्टा के स्थानीय प्राचीन शंकर मंदिर से लाउड स्पीकर हटाने के एसडीएम के आदेश से गुस्साए लोग हिंदू उत्सव समिति व भाजपा के नेतृत्व में तहसील कार्यालय पहुंचे। यहां पर प्रशासन व प्रभारी मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। यहां पर एसडीएम के अलावा कोई भी जिम्मेदार अधिकारी नहीं होने पर तहसील कर्मचारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि आदेश वापस नहीं लिए गए तो अनिश्चितकालीन आष्टा बंद किया जाएगा।
ज्ञापन में बताया गया कि स्थानीय प्राचीन शंकर मंदिर रामायण काल से स्थापित है। एसडीएम अंजू विश्वकर्मा ने शंकर मंदिर समिति को अपने कार्यालय पर तलब किया और कहा कि आप आज से ही तत्काल मंदिर में बजने वाले लाउड स्पीकर को बंद कर दें। लाउड स्पीकर को बजाया तो आपके और पुजारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम ने कहा कि कोलाहल नियंत्रण अधिनियम का हवाला देते हुए रात 10 से सुबह 6 बजे तक लाउड स्पीकर बंद करने का सुप्रीम कोर्ट का नियम है। तब मंदिर समिति ने कहा कि स्थानीय मस्जिदों में भी लाउड स्पीकर लगाकर सुबह 5 बजे अजान होती है तथा दिन में 5 बार लाउड स्पीकर से अजान होती है। उक्त घटनाक्रम की जानकारी मंदिर समिति ने स्थानीय नागरिकों, स्थानीय संगठनों व हिंदू उत्सव समिति को दी।
हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष रूपेश राठौर ने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन द्वारा सीहोर जिले के प्रभारी मंत्री आरिफ अकील के निर्देश पर हिंदुओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। धार्मिक भेदभाव कर मनमाना पूर्ण आदेश लागू करा रहे हैं। विधायक रघुनाथ सिंह मालवीय ने कहा कि कमलनाथ सरकार और प्रभारी मंत्री आरिफ अकील मेरी विधानसभा में लगातार हिंदुओं को प्रताड़ित कर रहे हैं। हिंदू संगठनों को प्रताड़ित कर रहे हैं। प्रशासन से मनमाना पूर्ण कार्य दबाव डालकर करवा रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी नगर अध्यक्ष अतुल शर्मा ने स्थानीय प्रशासन से कहा कि प्रशासन अपने इस आदेश को वापस ले और मनमाना और भेदभाव पूर्ण कार्य करना बंद करे, नहीं तो अनिश्चितकालीन आष्टा बंद किया जाएगा। इसका जिम्मेदार प्रशासन होगा। इस अवसर पर प्रशासन मुर्दाबाद, प्रभारी मंत्री आरिफ अकील तथा कांग्रेस प्रशासन के खिलाफ भी नारे लगाए गए। तहसील कार्यालय पर सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। स्थानीय शंकर मंदिर के पुजारी हेमंत गिरी ने मांग की है कि धार्मिक परम्पराओं और आरती आदि में व्यवधान न पैदा किए जाए।