उदयपुर शहर के नजदीक है पैंथर जोड़ा, खांजीपीर-शिकारबाड़ी और माछला मगरा वाले रहे सावधान !
20 अगस्त 2019 से पैंथर का एक जोड़ा निरन्तर उदयपुर शहर में दस्तक दे रहा है। कभी ये पैंथर जोड़ा शहर कोट के एक गढ़ रामपोल पर नज़र आता है तो कभी बंद पड़े एकलिंगगढ़ में। ये भी हो सकता है कि एकलिंगगढ़ जिसमे वन विभाग का ताला लगा रहता है उसमे इस जोड़े ने नया आशियाना बना लिया हो।
फ़िलहाल पैंथर को 22 अगस्त 2019 को गुलाब बाग में जलदाय विभाग के ऑफिस के पास सुबह 4 बजे के आसपास घूमते देखा गया है। गुलाब बाग से एक बंदर के बच्चे को पकड़ कर ले जाने की खबरें भी आ रही है। साथ ही दूध तलाई के आसपास रहने वाले कुत्तों की संख्या भी कमी आयी है। इस पैंथर जोड़े की गतिविधि दूध तलाई ,माछला मगरा ,शिकारबाड़ी ,जलबुर्ज और सीतामाता मंदिर से जुड़े लगभग 5 किमी क्षेत्र में देखी जा रही है।
न्यूज़एजेंसीइंडियाडॉटकॉम ने जब पहले इस बावत न्यूज़ दी थी तो कई गुणी पाठकों ने फोटो तक फेसबुक के माध्यम से लोगो तक पहुँचाये थे और साथ ही सबसे पहले अपने पाठकों को बताया था कि पैंथर एक न होकर जोड़े में घूम रहा हैँ। मैटिंग का सीजन होने पर पैंथर अपने साथी के लिए ओर ज्यादा आक्रामक हो जाता है और साथी की सुरक्षा के लिए हिंसक भी बन जाता है। ये भी हो सकता है कि पैंथर मादा गर्भवती हो और शहर के आसपास आसान शिकार जैसे कुत्ते और गाय के बच्चे आसानी से मिलने के कारण के ये जोड़ा बार बार कंक्रीट के जंगल शहर में घुसने का प्रयास कर रहा है।
पूर्व में वैसे भी पीछोला के आसपास कई जंगली वन्य जीव आसानी से पाए जाते थे और धीरे धीरे पीछोला के वन्य क्षेत्र में पाबन्दी के बावजूद कई निर्माण होते चले गए और पैंथर के शिकार खत्म होते चले गए। अब पैंथर को खरगोश ,नेवले जैसे छोटे शिकार भी वन क्षेत्र में नहीं मिल पा रहे और मजबूरन इन्हे शहर की तरफ रुख करना पड रहा है। सुबह जल्दी गुलाब बाग और दूध तलाई की ओर सैर करने वालों और सीसारमा से आने वाले वाहन सवारों को सावधानी बरतने की ताकीद की जाती है और अल सुबह अगर इन इलाकों में यदि आपको यकायक कुत्तों के एक साथ भोकने की आवाज़ आये तो समझ जाइये कि शायद पैंथर आसपास हो सकता है।