उदयपुर के अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज पद्मश्री लिंबा राम लॉक डाउन में इलाज हेतु हुए परेशान !
अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज लिंबा राम के नाम से सिर्फ उदयपुर बल्कि पूरी दुनिया के धनुर्धरों के साथ आम आदमी भी परिचित है। तीरंदाजी में विश्व रिकार्ड के साथ एशियन चैंपियनशिप जीत और तीन बार ओलंपिक में लिंबा राम भाग ले चुके हैं। लिंबा राम उदयपुर संभाग के छोटे से गांव सरादित के रहने वाले हैं। जहाँ इनका जन्म आदिवासी परिवार में हुआ था ।
वही अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज लिंबा राम पिछले एक साल से गंभीर बीमारी न्यूरोसिस्टसकोसिस से ग्रसित है और देश में जारी लॉकडाउन के चलते उनके इलाज में मुश्किले आ रही थी । इस बारे में कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य एवं पूर्व सांसद रघुवीर सिंह मीणा द्वारा केंद्रीय खेल मंत्री किरण रिजिजू को पत्र लिखकर लिंबाराम को चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने की मांग भी करी गयी थी।इस संबंध में मीणा ने राजस्थान के खेल मंत्री अशोक चांदना को भी पत्र लिखकर भेजा था जिसमे कहा गया कि 48 वर्षीय लिंबा राम राजस्थान के चीफ तीरंदाजी कोच हैं तथा तीरंदाजी में पुरे विश्व में भारत का नाम रोशन कर चुके हैं।
पिछले एक साल से घातक बीमारी से ग्रसित होने से उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी पत्नी जैनी को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में रुकने की व्यवस्था भारतीय खेल प्राधिकरण ने की थी, लेकिन सूत्रों के अनुसार अब उन्हें चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही।
इस संबंध में भारतीय तीरंदाजी संघ ने भी लिंबा राम को चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने की बात कही थी। संघ के महासचिव प्रमोद चंदुरकर ने संघ के अध्यक्ष अर्जुन मुंडा से बातचीत के बारे में कहा, लेकिन फिलहाल लिंबा राम को पिछले दो दिन पहले तक चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाई थी ।
गौरतलब है कि लिंबा राम की राजस्थान में ही नहीं, बल्कि उनकी गिनती देश के महान खिलाड़ियों में है। तीरंदाजी में विश्व रिकार्ड के साथ एशियन चैंपियनशिप जीतने के साथ वह तीन बार ओलंपिक में भाग ले चुके हैं।लिम्बा राम इतने सीधे चरित्र के व्यक्ति के हैं कि वर्ष 2014 में उन्हीं का एक शिष्य उनके पद्मश्री का प्रमाणपत्र और पांच लाख रुपये ठगकर चम्पत हो गया था और बाद में उन्हें पैसों के लिए मोहताज हो गए।