सीएचसी-पीएचसी के लिए लेंगे एक हजार डॉक्टर्स एवं 25 हजार नर्सिंगकर्मियों की सेवाएं : मुख्यमंत्री
जयपुर, 16 मई। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि गांवों में संक्रमण के तेजी से प्रसार को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार उपचार की पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि सीएचसी एवं पीएचसी तक कोविड उपचार की माकूल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए 25 हजार नर्सिंगकर्मियों तथा एक हजार मेडिकल ऑफिसर्स की अस्थायी आधार पर तत्काल सेवाएं ली जाएं। उन्होंने आगामी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ब्लॉक स्तर पर कोविड कंसल्टेशन एवं कोविड केयर सेंटर के रूप में विकसित सीएचसी में आईसीयू एवं हाई फ्लो ऑक्सीजन के दस बेड के साथ ही इनमें शिशु गहन चिकित्सा इकाई की भी व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
गहलोत रविवार रात को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कोविड संक्रमण, लॉकडाउन तथा संसाधनों की उपलब्धता सहित अन्य संबंधित विषयों पर उच्च स्तरीय समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोविड रोगियों को स्थानीय स्तर पर ही ऑक्सीजन की सुविधा मिल सके इसके लिए प्रत्येक पीएचसी पर पांच तथा सीएचसी पर 10 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर उपलब्ध कराए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा पूरा जोर इस बात पर होना चाहिए कि कैसे हम ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर करें।
गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेशवासियों को इलाज के भारी-भरकम खर्च से मुक्ति दिलाने के लिए मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना प्रारंभ की है। उन्होंने अधिकारियों को इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह कंट्रोल रूम योजना से जुड़ी तमाम शिकायतों का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करे। मुख्यमंत्री ने कोविड रोगियों में ब्लैक फंगस के मामले सामने आने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों के समूह द्वारा इसका विशेष अध्ययन करवाया जाए। उन्होंने ब्लैक फंगस बीमारी के पैकेज को भी मुख्यमंत्री चिरंजीवी बीमा योजना में शामिल करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने गुजरात से आने वाले समुद्री तूफान के मद्देनजर प्रदेशभर में ऑक्सीजन की आपूर्ति सुचारू रखने और बफर स्टॉक तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तूफान के कारण अस्पतालों को बिजली आपूर्ति में व्यवधान नहीं आए। उन्होंने अस्पतालों में विद्युत जनरेटर की वैकल्पिक व्यवस्था रखने के निर्देश भी दिए। साथ ही आपदा प्रबंधन की टीमों को तूफान से संभावित असर वाले क्षेत्रों में तैनात किए जाने और हर स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि जिन जिलों में संक्रमण का प्रसार अधिक है, वहां पर जांच का दायरा बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही वहां दवा किट के वितरण एवं उपचार की व्यवस्थाओं को भी सुदृढ़ किया जा रहा है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए लॉकडाउन की सख्ती से पालना कराने, टेस्टिंग तथा ट्रेसिंग पर और अधिक जोर दिए जाने की जरूरत है। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को सुदृढ़ करने के लिए सरकारी प्रयासों के साथ-साथ जनसहयोग लेने का भी सुझाव दिया।
मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने गुजरात से आने वाले समुद्री तूफान के कारण जामनगर एवं हजीरा से ऑक्सीजन की आपूर्ति के प्रभावित होने की आशंका के मद्देनजर केंद्र सरकार के उच्चाधिकारियों के साथ किए जा रहे समन्वय से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि सभी जिला कलक्टरों को ऑक्सीजन सप्लाई बाधित न होने के लिए सभी स्तर पर आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस महानिदेशक एमएल लाठर ने बताया कि समुद्री तूफान को देखते हुए एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ को अलर्ट कर दिया गया है। तूफान के मद्देनजर एसडीआरएफ की 10 टीमें गुजरात रवाना की गई हैं, जोकि सड़क मार्ग से ऑक्सीजन की आपूर्ति सुचारू रखने में मदद करेंगी।
प्रमुख सचिव गृह अभय कुमार ने कंटेनमेंट जोन की व्यवस्था तथा लॉकडाउन की पाबंदियों की पालना के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जिला कलक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां आर्मी की यूनिट हैं, वहां तूफान से बचाव के लिए उनकी मदद भी ली जा सकती है।

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