राजस्थान के एक करोड़ 10 लाख परिवारों को मिलेगा 5 लाख रूपये तक का कैशलेस इलाज !
जयपुर, 30 जनवरी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास से आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना के नवीन चरण का शुभारम्भ किया। इस योजना में लाभार्थियों को मिलने वाला बीमा कवर 3.30 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रूपये कर दिया गया है। योजना में विभिन्न बीमारियों के निशुल्क इलाज के लिए पैकेज की 1401 से संख्या बढ़ाकर 1576 कर दी गई हैं। योजना का लाभ प्रदेश के 1 करोड़ 10 लाख परिवारों को मिलेगा।
आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना के नए चरण के शुभारम्भ के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित समारोह को सम्बोधित करते हुए गहलोत ने कहा कि प्रदेशवासियाें का अच्छा स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के कथन ‘स्वास्थ्य ही व्यक्ति की असली सम्पति है’ की भावना के अनुरूप सरकार ने पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ किया है। उन्होंने कहा कि इस कड़ी में निशुल्क दवा और जांच योजनाओं तथा निरोगी राजस्थान अभियान के बाद अब स्वास्थ्य बीमा योजना के माध्यम से गरीब और वंचित तबके के लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से वीडियो कॉन्फ्रेंस, टीवी चैनलों और फेसबुक यूट्यूब आदि मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव टेलीकास्ट किए गए कार्यक्रम में कहा कि यह योजना एक बड़ा निवेश है और इसे आयुष्मान भारत, भामाशाह स्वास्थ्य बीमा सहित दूसरे प्रदेशों की बीमा योजनाओं की खामियों और विशेषताओं के अध्ययन के बाद तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने केन्द्र की आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी सामाजिक आर्थिक जनगणना (एसईसीसी) के चयनित परिवारों के साथ-साथ प्रदेश के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) के लाभार्थी परिवारों को भी इस योजना में बीमा कवर उपलब्ध कराया है।
गहलोत ने कहा कि एनएफएसए के लाभार्थियों के लिए प्रीमियम की शत-प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जा रही है और केन्द्र सरकार केवल एसईसीसी के तहत चयनित परिवारों के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रीमियम राशि 1052 रूपये प्रति परिवार की 60 प्रतिशत राशि का भुगतान करती है। राजस्थान में योजना की वास्तविक प्रीमियम राशि 1662 रूपये प्रति परिवार है। राज्य सरकार एसईसीसी के तहत चयनित परिवारों के लिए भी केन्द्र द्वारा निर्धारित प्रीमियम राशि 1052 रूपये और वास्तविक प्रीमियम राशि 1662 रूपये के अन्तर का भुगतान कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना का वार्षिक प्रीमियम खर्च लगभग 1800 करोड़ रूपये है, जिसमें से राजस्थान सरकार द्वारा लगभग 1400 करोड़ रूपये खर्च और केन्द्र सरकार द्वारा मात्र 400 करोड़ रूपये का भुगतान किया जाना है। उन्होंने केन्द्र से प्रदेश में इस स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत एनएफएसए और एसईसीसी कैटेगरी के समस्त लाभार्थियों के लिए वास्तविक प्रीमियम राशि के 60 प्रतिशत अंशदान के भुगतान की मांग की।
गहलोत ने कहा कि राजस्थान देश का सबसे बड़ा राज्य है और यहां अलग-अलग क्षेत्रों में स्वास्थ्य समस्याएं भी अलग-अलग हैं, ऎसे में सभी को बेहतर स्वास्थ्य उपलब्ध कराना एक बड़ी चुनौती है। राज्य सरकार ने इस नई योजना के माध्यम से प्रदेश की दो-तिहाई आबादी को स्वास्थ्य बीमा कवर दिया है। योजना के प्रचार-प्रसार में मीडिया सहित सभी नागरिकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी से अधिकाधिक लोगों तक इस योजना की जानकारी पहुंचाने की अपील की, ताकि गरीब एवं वंचित बीमार व्यक्ति को समय पर ‘बिना खर्च’ इलाज मिल सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना में अनियमिताओं को रोकने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। योजना के सॉफ्टवेयर में अस्पताल अथवा बीमा कंपनी द्वारा गड़बड़ कर गलत लाभ लेने की स्थिति में ऑटोमेटिक अलर्ट जारी होने की व्यवस्था की गई है। एक स्टेट एंटी फ्रॉड यूनिट का गठन किया गया है, जो यह सुनिश्चित करेगी कि अस्पतालों द्वारा गलत क्लेम पेश किए जाने पर उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जा सके। योजना के लिए निजी अस्पतालों के चयन की प्रक्रिया भी बेहतर बनाई गई है। मरीज को अस्पताल पहुंचने पर जल्द उपचार मुहैया कराने के लिए भर्ती प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। अस्पताल और बीमा कंपनी के सहयोग के लिए टीपीए की व्यवस्था की गर्ह है। अस्पताल में मरीजों की सहायता के लिए स्वास्थ्य मार्गदर्शक तथा स्वास्थ्य मित्र भी उपलब्ध होंगे।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने बताया कि मरीज के अस्पताल में भर्ती होने के 5 दिन पहले से लेकर डिस्चार्ज होने के 15 दिन बाद तक का समस्त चिकित्सकीय व्यय निशुल्क पैकेज में शामिल है। इस योजना के पैकेज की सूची में कोविड-19 के इलाज और हीमोडायलिसिस को भी जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में पोर्टेबिलिटी का विकल्प उपलब्ध होने के बाद राजस्थान के निवासियों को दूसरे राज्य के चिन्हित अस्पतालों में भी इस योजना के तहत निशुल्क इलाज का लाभ उपलब्ध हो सकेगा।
राजस्थान में कोरोना संक्रमण की स्थिति पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हम कोरोना पर विजय की तरफ बढ़ रहे है। कोरोना टीकाकरण अभियान के प्रथम चरण में 60 प्रतिशत हैल्थकेयर वर्कर्स को टीके की पहली खुराक दी जा चुकी है। टीकाकरण की संख्या की दृष्टि से राजस्थान देश का दूसरा राज्य है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में देश में वैक्सीनेशन का दूसरा चरण भी शुरू होगा और कोरोना वैक्सीनेशन में राजस्थान देश का आदर्श राज्य बनेगा।
मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र के आधारभूत ढांचे में सुधार के लिए लगातार निवेश कर सुविधाओं का विकास किया है। इस क्रम में मुख्यमंत्री निशुल्क दवा और जांच योजनाएं महत्वपूर्ण सोपान रही हैं। अब इस स्वास्थ्य बीमा योजना के लागू होने के बाद राज्य के अन्तिम छोर तक नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।
चिकित्सा सचिव सिद्धार्थ महाजन ने योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत पूर्व में विभिन्न बीमारियों के 1401 पैकेज और प्रोसीजर उपलब्ध थे, जिन्हें बढ़ाकर अब 1576 किया गया है। सामान्य बीमारियों के लिए 50 हजार रूपये तक का इलाज खर्च और गंभीर बीमारियों के लिए 4.50 लाख रूपये तक के इलाज खर्च के लिए बीमा कवर उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री गहलोत ने स्वास्थ्य बीमा योजना के लोगो और प्रचार सामग्री का विमोचन कियो। इस दौरान योजना की विशेषताओं और प्रक्रियाओं के बारे में एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।
राज्यमंत्री सुभाष गर्ग ने उपस्थित जनों और वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कार्यक्रम शामिल हुए लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में कला एवं संस्कृति मंत्री बीडी कल्ला, परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, कृषि मंत्री लालंचद कटारिया, गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया, महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती ममता भूपेश, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री भंवरसिंह भाटी, मोटर गैराज राज्यमंत्री राजेन्द्र यादव, मुख्य सचेतक महेश जोशी, उप मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी, जयपुर हैरिटेज की महापौर श्रीमती मुनेश गुर्जर, जयपुर ग्रेटर की महापौर श्रीमती सौम्या गुर्जर, विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। प्रदेश के विभिन्न जिलों में अलग-अलग स्थानों पर सांसद, विधायक तथा अन्य जनप्रतिनिधिगण और अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।

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