उदयपुर में जन्म-मृत्यु का पुराना रिकॉर्ड होगा डिजिटल,तीन माह में होंगे लगभग ढाई लाख प्रमाण पत्र कंप्यूटराइज्ड
उदयपुर, 18 अगस्त 2021। आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग उदयपुर ने जिले में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों के डिजिटलाइजेशन की कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत जिले में वर्ष 2011 से 2013 तक की अवधि में जारी हुए सभी जन्म, मृत्यु पंजीयन प्रमाण पत्रों को डिजिटलाइज्ड करने के लिए एक फर्म को कार्य सौंपा गया है। तीन माह में लगभग ढाई लाख प्रमाण पत्रों को कंप्यूटराइज्ड किया जाएगा। जिले में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के जन्म-मृत्यु पंजीकरण से संबंधित पुराने रिकॉर्ड को राजस्थान सरकार के सिविल रजिस्ट्रेशन पोर्टल पहचान पर डिजिटल रूप में उपलब्ध कराया जाएगा। इससे विद्यालय में प्रवेश, राशनकार्ड में नाम दर्ज करवाने, सामाजिक सुरक्षा का लाभ, सम्पत्ति के उत्तराधिकारी, पेंशन एवं बीमा, भूमि के नामान्तरण जैसे कामों में आमजन को राहत मिलेगी।
विभागों में समन्वय के लिए बैठक
जिला परिषद सभागार में एडीएम (सिटी) अशोक कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की इंटर डिपार्टमेंटल कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक हुई। बैठक में जन्म-मृत्यु पंजीकरण कवरेज में सुधार लाने, जन्म-मृत्यु पंजीकरण की मॉनिटरिंग और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय से शत प्रतिशत जन्म-मृत्यु पंजीकरण लक्ष्य प्राप्त करने पर चर्चा हुई। एडीएम सिटी अशोक कुमार ने जिला शिक्षा अधिकारी को जिले की सभी स्कूलों में प्रवेश लेने वाले बच्चों का जन्म पंजीकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
कोरोनाकाल में भी कम नहीं हुई शादियां
आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, उदयपुर के उपनिदेशक पुनीत शर्मा ने पीपीटी के माध्यम से जिले में जन्म-मृत्यु पंजीकरण की स्थिति से अवगत कराया। पीपीटी के अनुसार उदयपुर जिले में कोरोनाकाल में भी शादियों की संख्या में कमी नहीं आई। राजस्थान सरकार के सिविल रजिस्ट्रेशन पोर्टल पहचान पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020 में उदयपुर जिले में 8 हजार 939 शादियों का पंजीकरण हुआ। वहीं, वर्ष 2019 में 8 हजार 587, वर्ष 2018 में 7 हजार 226, वर्ष 2017 में 4 हजार 907, वर्ष 2016 में 2 हजार 468 विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी किए गए।
पंजीकरण बढ़ाने के प्रयास
उपनिदेशक शर्मा ने बताया कि जिला कलक्टर चेतन देवड़ा के निर्देशानुसार जिले में जन्म-मृत्यु पंजीकरण बढ़ाने के लिए ब्लॉक लेवल पर मॉनीटरिंग की जा रही है। नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ग्राम पंचायतों में जन्म-मृत्यु पंजीकरण के लिए शिविर भी लगाए जा रहे हैं। बैठक में जिले की नगरपालिकाओं के अधिशाषी अधिकारी, आईसीडीएस, जिला शिक्षा अधिकारी, नगर निगम, चिकित्सा विभाग, नगर निगम, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
सात दिन में पंजीयन प्रमाण पत्र देना जरूरी
राजस्थान सरकार के लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत जन्म, मृत्यु व विवाह पंजीयन सेवा को शामिल किया गया है। सभी दस्तावेज प्राप्त होने के सात कार्य दिवस के अंदर संबंधित विभाग को प्रमाण पत्र जारी करना होगा।
घर बैठे कर सकते हैं आवेदन
विवाह, जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए अब घर बैठे आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए राजस्थान सरकार ने पहचान नाम से एक मोबाइल एप शुरू किया है। इस एप के माध्यम से आवेदन की स्थिति की जानकारी, रजिस्ट्रार-उपरजिस्ट्रार, प्रमाण पत्र डाउनलोड करने की सुविधा उपलब्ध है। परिवार में जन्म या मृत्यु का वेब पोर्टल पहचानडॉटराजडॉटएनआईसीडॉटइन पर ऑनलाइन पंजीकरण भी करा सकते हैं।
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