राज्यों में वैक्सीन ही नहीं, कैसे मनाएं 'टीका उत्सव' - अशोक गहलोत
कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर एक बार फिर से केंद्र और राज्य सरकार आमने-सामने आते नजर आ रहे हैं। कांग्रेस नीत राज्य सरकार ने एक बार फिर से वैक्सीन की कमी का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार से सार्वजनिक तौर पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बयान जारी कर कहा है कि प्रधानमंत्री ने 11 अप्रैल को ज्योतिबा फुले जयंती से 14 अप्रेल को आंबेडकर जयंती तक 'टीका उत्सव' मनाने का आह्वान किया है, लेकिन राज्यों में वैक्सीन ही उपलब्ध नहीं है. ऐसे में टीका उत्सव कैसे मनाया जा सकता है?
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा- "प्रधानमंत्री जी ने 11 अप्रेल को ज्योतिबा फुले जयंती से 14 अप्रेल को आंबेडकर जयंती तक 'टीका उत्सव' मनाने का आह्वान किया है लेकिन राज्यों में वैक्सीन ही उपलब्ध नहीं है। ऐसे में टीका उत्सव कैसे मनाया जा सकता है? केन्द्रीय मंत्री अमित शाह एवं रविशंकर प्रसाद द्वारा दिया गया राज्यों में वैक्सीन की कमी ना होने का बयान भी तथ्यात्मक रूप से पूर्णत: गलत है। राजस्थान कोरोना प्रबंधन एवं वैक्सीनेशन में शुरुआत से अग्रणी रहा है।"
"6 अप्रेल तक केंद्र सरकार से राजस्थान को 1,07,40,860 कोविड वैक्सीन डोजेज प्राप्त हुईं। इनमें से 2,15,180 वैक्सीन सेना को उपलब्ध करवाई गईं हैं। 8 अप्रेल तक 91,55,370 डोजेज लगा दी गईं हैं। करीब 4,34,888 डोजेज खराब हुईं जो केन्द्र सरकार द्वारा अनुमत सीमा 10% के आधे से भी कम है।प्रदेश में 8 अप्रेल 4.65 लाख, 7 अप्रेल को 5.81 लाख, 6 अप्रेल को 4.8 लाख एवं 5 अप्रेल को 5.4 लाख वैक्सीन डोजेज लगाई गईं। 9 अप्रेल की सुबह प्रदेश में करीब 9.70 लाख वैक्सीन डोजेज शेष थीं। प्रतिदिन करीब 5.18 लाख वैक्सीन औसतन राजस्थान में लगाई जा रही हैं। केन्द्र सरकार ने वैक्सीन की 3.83 लाख डोजेज की अगली खेप 12 अप्रेल को आना प्रस्तावित है। इस कारण राजस्थान में कल कई जिलों में वैक्सीनेशन का कार्य बंद करना पड़ेगा। 3.83 लाख डोजेज से भी एक दिन से अधिक वैक्सीनेशन नहीं किया जा सकेगा। टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक 8 अप्रेल को आंध्र प्रदेश में 1.2 दिन, बिहार में 1.6 दिन, उत्तर प्रदेश में 2.5 दिन, उत्तराखंड में 2.9 दिन, उडीसा में 3.2 दिन, मध्य प्रदेश में 3.5 दिन और महाराष्ट्र में 3.8 दिन की डोजेज ही शेष थी।कई राज्यों से आज वैक्सीनेशन केन्द्रों पर वैक्सीन उपलब्ध ना होने की तस्वीरें भी सामने आई हैं। ऐसे में केन्द्र सरकार को स्पष्ट तौर पर वैक्सीन की कमी होने की बात सार्वजनिक तौर पर कहनी चाहिए। वैक्सीनेशन के कार्य में कोई राजनीति नहीं की जा रही है लेकिन तथ्यों से स्पष्ट है कि अनेक राज्यों में वैक्सीन की कमी है। केन्द्र सरकार को सार्वजनिक तौर पर वैक्सीन डोजेज की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।"

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