पर्यटन सीजन में फतहसागर और दूध तलाई पर अँधेरा,निगम नहीं करता परवाह पर्यटन सहित लोगों की !
उदयपुर में दीपावली के बाद गुजराती और अन्य पर्यटकों का आना जारी है। हज़ारों की तादाद में जहाँ पर्यटक उदयपुर पहुँच यहाँ की रूमानी खूबसूरती का दिन में खूब आनन्द लेते है लेकिन शाम होते होते उदयपुर के मुख्य पर्यटक स्थल नगर निगम उदयपुर और UIT उदयपुर की मेहरबानी से अँधेरे से गुलज़ार हो जाते है।
शहर के मुख्य पर्यटक स्थल फतहसागर पर जहाँ न सिर्फ पर्यटक बल्कि उदयपुरवासी नियमित तौर पर घूमने जाते है वहाँ अधिकांश लाइट्स बंद पड़ी रहती है और इन दिनों पाल सहित मुम्बईया मार्केट की कई लाइट्स बंद पड़ी है और म्यूजिकल पोल भी न तो रोशन है और न ही म्यूजिक बजाते है। ऐसी ही हालत दूध तलाई और पिछोला की पाल पर लाइट्स की है जहाँ अधिकतर लाइट्स बंद पड़ी है।
उदयपुर के पर्यटन इकोनॉमी पर आधारित होने के कारण अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समज़ते हुए न्यूज़एजेंसीइंडिया के वरिष्ठ सहयोगी दिनेश भट्ट ने दिवाली के 45 दिन पहले नगर निगम उदयपुर के विध्युत विभाग के अधिकारी रितेश पाटीदार और हरक लाल जी को इस समस्या के बारे में बताया था। इस मीटिंग में विध्युत समिति अध्यक्ष महेश त्रिवेदी भी उपस्थित थे और उन्होंने सभी लाइट्स को दुरुस्त करवाने की बात भी कही और ये भी बोले कि समाजकंटक आये दिन लाइट्स तोड़ कर भाग जाते है। उन दिनों दूध तलाई मार्ग की सभी लाइट्स बंद पड़ी थी। हालांकि नगर निगम के कर्मचारियों ने 20 -25 दिन लगाकर कुछ लाइट्स को दुरुस्त भी किया लेकिन समस्या का पूरा निराकरण निगम नहीं कर पाया और कई जगह कम रोशनी (कम पावर ) वाली लाइट्स लगा कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली गयी।
समझ नहीं आता कि पर्यटन उदयपुर शहर का आधार है फिर भी स्थानीय प्रशासन इनकी देखभाल को लेकर संजीदा क्यों नज़र नहीं आता ? क्यों अधिकारियों को अपनी नाक़ामियाँ उदयपुर मे घुमते हुए नज़र नहीं आती है ? क्या उदयपुरवासी होने के नाते उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं ?