मॉडिफाइड लॉक डाउन के दौरान भारत सरकार ने करी टोल वसूली शुरू,हो रहा चौतरफा विरोध !
राष्ट्रीय राजमार्गों पर 20 अप्रैल से लॉक डाउन के दिनों में टोल की वसूली शुरू हो जाएगी। केंद्र सरकार ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के दबाब में 20 अप्रैल से राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल वसूली शुरू करने की अनुमति दी है।
इससे पहले लॉकडाउन के पहले चरण की समाप्ति के एक दिन बाद 15 अप्रैल से टोल वसूली का काम फिर फिर से शुरू करने की योजना भी NHAI द्वारा बनाने का दबाव दिया गया था। हालांकि बाद में केंद्र सरकार की तरफ से लॉकडाउन को 3 मई तक देश मे लॉक डाउन बढ़ा दिया गया था।
लेकिन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा खराब वित्तीय हालात का हवाला देकर इसे 20 अप्रैल से फिर से टोल संग्रह शुरू करने की योजना बनायी गयी है।
इस बीच ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने NHAI के इस कदम का केंद्र सरकार से टोल वसूल शुरू करने के फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा है।ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के अध्यक्ष कुलतारन सिंह अटवाल ने कहा कि सरकार को इस क्षेत्र पर कोई वित्तीय भार डालने से पहले अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।
सड़क परिवहन मंत्रालय और एनएचएआई ने 24 मार्च को 21 दिन के राष्ट्रव्यापी तालाबंदी की घोषणा के बाद सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल संग्रहण को बंद कर दिया था। देश भर में 500 से अधिक टोल बूथों ने तालाबंदी के दौरान संचालन बंद कर दिया था।
यहाँ ये बात ध्यान देने योग्य है कि संशोधित लॉक डाउन के दौरान केवल आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहन ही सड़कों पर दौड़ने वाले है और यदि टोल लगाया जाता है तो परिसंचालन खर्च बढ़ने के बाद जरूरी सामानों की कीमत बढ़ सकती है। दूसरा खतरनाक पहलू ये भी है कि एक शहर से अन्य शहरों में जब वाहन टोल नाकों पर रुकेंगे तो संक्रमण का खतरा टोल कर्मियों को भी हो सकता है। ऐसे में ये टोलकर्मी जब अपने घरों पर जाएँगे तो इनके परिवार के माध्यम से भी संक्रमण गाँव ढाणियों और अन्य शहरों तक पहुँच सकता है।