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कलेक्टर का अवैध जेट्टी हटाने का निर्देश,पालना नहीं कर रहा उदयपुर नगर निगम !
News Agency India January 01, 2020 10:51 PM IST

कलेक्टर का अवैध जेट्टी हटाने का निर्देश,पालना नहीं कर रहा उदयपुर नगर निगम !

उदयपुर की पीछोला झील में हो रहे गड़बड़ झालो और झीलों पर होटल वालों द्वारा किये गए कब्ज़ों की विस्तृत खबर न्यूज़ एजेंसी इंडिया ने 28 जनवरी 2018 को अपने पाठकों तक पहुचायी थी जिसमे न केवल होटल वालो द्वारा पीछोला में अवैध नावों का संचालन का ज़िक्र था बल्कि अवैध नावों के फोटो,वीडियो के साथ नावों में रेस्टोरेंट के साथ शराब परोसे जाने की सूचना भी दी गई थी। साथ ही अपने पाठकों को सबसे पहले बता दिया कि कुछ नाव जिस्मफरोशी के लिए देर रात किराये भी दी जाती है।

न्यूज़ के साथ ये भी बताया था कि कैसे कुछ होटल सड़क उपलब्ध होने के बाद भी पीछोला झील द्वारा पर्यटकों को होटल (जैसे द लीला पैलेस होटल),उदय निवास होटल) पर लाकर धड़ल्ले से नियमों की धज्जियां उड़ा रहे है। इस न्यूज़ में ये भी बताया गया था कि होटल वालों ने कई अवैध जेटिया लगा रखी है और इन जेटियो पर भी देर रात शराब पार्टियां होती है। यहाँ तक कि देर रात को बीच झील में पांटून लगाकर जोड़ो को कैंडल लाइट डिनर की सुविधा भी ये होटल वाले कपल को दे रहे है गोया कि पूरी झील के मालिक ये होटल वाले हो।

उदयपुर की झीलों पर पाँच सितारा होटल्स की नावें पिछले कई सालों से मानकों के अनुसार नहीं चल रही थी जिस पर न्यूज़ एजेंसी इंडिया की खबर पर संज्ञान लेते हुए RTO उदयपुर ने कार्यवाही कर होटल वालों को नोटिस दिए है। सबसे ज्यादा अनियमितता नावों के नंबर नहीं होने अथवा गलत जगह पर लिखे होने अथवा अस्पस्ट लिखे होने के साथ नावों पर फिटनेस पत्र प्रदर्शन नहीं होना और नाव पर लाइसेंस नहीं होने की गलती करते उदयपुर की नामी होटल वाले करते पाए गए।

पिछोला झील में अवैध जेटियां और बोट में शराब परोसने का खुलासा होने के बाद होटल संचालक बड़े सयाने होते नज़र आये । परिवहन व नगर निगम की टीम के मौके पहुंचने से पहले ही जहाँ कई संचालकों ने झील से अवैध रूप से संचालित बोट इधर- उधर कर कही अन्यत्र छुपा दिया था । जांच के बाद टीम ने दो पार्टी बोट सहित 3 नावों को सीज कर बोट के संचालन पर रोक लगाई थी वहीं इधर-उधर पड़ी कंडम बोट को हटाने के लिए किसी भी संचालक को कोई नोटिस आज तक नहीं थमाया है।

टीम को नौका संचालन के लिए झील में जगह-जगह अवैध जेटियों मिली लेकिन रिकॉर्ड नहीं होने के बहाने से या होटल वालो के रसूख के आगे कार्यवाही नहीं कर पाए। सभी विभागों ने स्वीकृति के लिए एक दूसरे पर पल्ला झाड़ा, वहीं होटल संचालकों ने राज्य मुख्यालय से सीधे स्वीकृति लाना बताया।

झील संरक्षण समिति सहित शहर के तमाम मुद्दों पर हाईकोर्ट की मॉनिटरिंग कमेटी की 18 जनवरी 2020 शनिवार को कलेक्टरी सभागार में बैठक हुई थी । बैठक में हाईकोर्ट की ओर से नियुक्त एडवोकेट प्रवीण खंडेलवाल, संजीत पुरोहित, जीपी सोनी, यूआईटी, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, परिवहन विभाग के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में पिछोला झील में अवैध जेटी संचालन को लेकर हंगामा हुआ था। इस पर जिला कलक्टर आनंदी ने तत्काल अवैध जेटियों को हटाने के निर्देश दिए थे । झीलों की सफाई को लेकर भी सदस्यों ने मुद्दा उठाया। इस पर अधिकारियों ने कहा कि सफाई करने वाली मशीनें फ्री नहीं होने के कारण उदयसागर की सफाई नहीं हो सकी।जबकि सच ये है कि जलकुम्भी और झील साफ़ करने वाली मशीन सिर्फ होटल वालों से मिलने वाले सेवा शुल्क के कारण केवल होटल वालों के किनारों पर जलकुम्भी साफ़ करती नजर आती है। इस बावत न्यूज़ एजेंसी इंडिया ने एक महीने पहले उदयपुर महापौर को बताया भी था लेकिन आज भी ढाक के तीन पात वाली स्थिति ही बनी हुई है। करोड़ों की डीविडिंग मशीन सिर्फ होटल वालों की सेवा के लिए प्रशाशन ने झीलों में उतारी लगती है।

दुःख की बात ये है कि प्रादेशिक परिवहन विभाग द्वारा सीज़ की गयी पार्टी बोट को अभी तक नगर निगम के अधिकारियों ने झील से निकाल कर हटाने की जेहमत नहीं की और कहाँ कि उनके पास अभी कोई सूचना नहीं पहुँची है। जहाँ पूरी दूनिया को इस बारे में पता चल गया लेकिन निगम के अधिकारी परिवहन विभाग द्वारा सुचना आने का इंतज़ार करते रहे और झील संरक्षण समिति की बैठक में भी इस बारे में कोई ज़िक्र नहीं किया गया। इस पर संज्ञान लेते हुए न्यूज़ एजेंसी इंडिया के दिनेश भट्ट ने जब प्रादेशिक परिवहन विभाग के मुखिया अधिकारी श्री प्रकाश सिंह राठौड़ से बात की तो उन्होंने बताया कि डाक से सूचना भिजवा दी गयी है लेकिन न्यूज़ एजेंसी इंडिया के आग्रह पर उन्होंने तुरन्त नगर निगम के ऑफिसियल ई -मेल पर भी तत्काल ये सुचना भेज दी।

प्रादेशिक परिवहन विभाग अवैध नावों की कार्यवाही के बारे में नगर निगम को लिखित में सूचित कर चूका है और जिला कलेक्टर भी झील संरक्षण समिति की बैठक में अवैध जेट्टियों को हटाने के लिए नगर निगम को निर्देशित कर चुकी है। लेकिन पीछोला का मालिक नगर निगम पता नहीं क्यों अब तक अवैध जेट्टियों को हटाने के लिए प्रतिबद्ध नज़र नहीं आ रहा है। सालों के गठजोड़ कार्यवाही में बाधा बन रहे है।

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