मोदी जी ने समय रहते उठाये कदम,वर्ना अब तक कोरोना बन जाती महामारी भारत में !
हमारे देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदर्शिता और उचित समय पर लिए गए सटीक निर्णयों की वजह से हम सभी वैश्विक महामारी कोरोना से बेहतर तरीके से जंग लड़ पा रहे है और यदि जनता उनके द्वारा देशहित में लिये गए निर्णयों का पालन पूरी निष्ठा से करेगी तो हम आसानी से कोरोना से जंग जीत जाएंगे। ज्ञातव्य है कि वैश्विक कोरोना महामारी ने विश्व के 200 देशों को अपनी चपेट में ले रखा है ,जिनमें चीन, इटली, स्पेन, जर्मनी, ईरान, फ्रांस, ब्रिटेन और सुपर पावर अमेरिका सहित कई प्रमुख देश शामिल है। इस महामारी के कारण विश्व में अब तक लगभग 8,60,696 लोग संक्रमित हुए है। लगभग 42,350 लोगो की मृत्यु हो चुकी है।
इन आकड़ो से बीमारी की गंभीरता का अनुमान आसानी से लगाया जा सकता है। विश्व में मेडिकल और हेल्थकेयर में दूसरे स्थान पर आने वाले इटली में अब तक सर्वाधिक लगभग 12,400 मौते हुई है और सुपर पॉवर अमेरिका में अब तक विश्व के सर्वाधिक संक्रमित रोगी लगभग 1,88,500 हो गए है। हमारा देश भारत विश्व मे जनसंख्या की रैंकिंग में चीन के बाद दूसरे स्थान पर आता है। भारत मेडिकल और हेल्थकेयर में विश्व के 112 स्थान पर आता है। यह आसानी से समझा जा सकता है कि जब 6.5 करोड़ जनसंख्या वाले और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, टेक्नोलॉजी, बेहतरीन चिकित्सकों से लैस विश्व के सम्पन्न देश के प्रधानमंत्री असहाय हो चुके है, तो हमारे देश मे क्या अप्रत्याशित हो सकता है।
विश्व के सुपर पावर देश अमेरिका ने जो लॉक डाउन करने में जो देर की वह गलती मोदी जी ने नही की, मोदी जी ने समय पर लॉक डाउन का निर्णय लिया ताकि इस महामारी को अनियंत्रित होने से रोका जा सके। उन्होंने सैकड़ो भारतीयों को विदेशों से एयरलिफ्ट कर अपने घर पहुँचाने में मदद की। मोदी जी द्वारा इस महामारी से देश को बचाने के लिए युद्ध स्तर के प्रयास व उपाय किये जा रहे है। उन्होंने केंद्र सरकार के मुखिया के रूप में कई महत्वपूर्ण फैसले लिये है। अंतरराष्ट्रीय उड़ाने, रेलवे सेवाओं, बस सेवाओं को समय रहते बंद करवा दिया,लेकिन देश के विभिन्न राज्यों के साथ समन्वय कुछ देरी हुई जिस कारण देश के बड़े शहरों में काम करने वाले अन्य राज्यों के मजदूरों ने लॉक डाउन के बाद पलायन करना शुरू किया जबकि मोदी जी ने अपील भी की थी कि जो जहाँ है वही रहे, किसी को कोई तकलीफ नही आने दी जाएगी।
मजदूरों और विभिन्न काम करने वाले श्रमिकों ने कोरोना की गंभीरता को न समझ कर, शहरों में बंद की वजह से घर जाने को प्राथमिकता दी। अफवाहों ने भी आग में घी का काम किया । मोदी जी ने तत्परता दिखाते हुए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ तालमेल बैठा कर राज्यों की सीमाओं को सील करवाया। मजदूरों की स्वास्थ्य जाँच के साथ ही रहने खाने की व्यवस्था भी करवाई। उनका पूरा प्रयास है कि लॉक डाउन की अवधि में कोई भी भूखा न सोये। मोदी जी दिनरात एक कर देश के प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य के प्रति सतर्कता राज्यों, शहरों और स्थानीय प्रशासन के माध्यम से रख रहे है। मोदी जी को देश के जन सामान्य की गंभीर चिंता है, इसलिए बेहतर चिकित्सा प्रबंध, क्वारंटाइन होम, अस्थाई शेल्टरों, की व्यवस्था निरंतर जारी है, किसी को आवश्यक सेवाओं की कमी न हो यह भी उनकी प्राथमिकताओ में एक है।
देश को कोरोना से बचाने के लिये किये जा रहे मोदी जी के प्रयासों का ही नतीजा है कि सारा विपक्ष एकजुट होकर उनका समर्थन कर रहा है। इस बायो वॉर में डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टॉफ, सफाई कर्मी, पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन, सभी उनकी सेना के सिपाही बनकर उनके साथ युद्ध के मैदान में डटे हुए है, अंततः इस पूरी मेहनत और प्रयासों का परिणाम जनता पर ही निर्भर है, यदि जनता 21 दिन के लॉक डाउन का पालन पूरी ईमानदारी से करेगी तो हम कोरोना से जंग जीत जाएंगे।
पत्रकार जयवंत भैरविया की कलम से !