क्लाउड वाले बयान पर सही है मोदी, विपक्षी हमले अज्ञानता का नतीज़ा !
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक इंटरव्यू में कहा कि बालाकोट एयरस्ट्राइक के दौरान उन्होंने सुझाव दिया था कि बादल और बारिश होने की वजह से भारतीय वायुसेना के विमान पाकिस्तानी रडार में आने से बच सकते हैं।
शनिवार को टीवी चैनल न्यूज नेशन को दिए इंटरव्यू में पीएम मोदी ने बालाकोट एयर स्ट्राइक पर कहा, 'मैं दिन भर बहुत व्यस्त था। वार मेमोरियल का उद्घाटन था। चुरू में रैली करने गया था। मेरा कार्यक्रम चल रहा था। मैं टीम प्लेयर हूँ। जिसको काम एसाइन करता हूं वो करता है। यह काम टीम ने किया था। रात को 9 बजे मैंने रिव्यू किया, फिर रात को 12 बजे रिव्यू किया। हमारे सामने समस्या थी कि उस समय मौसम खराब हो गया था। यह बात मैं पहली बार बोल रहा हूँ । अचानक एक सुझाव मिला कि डेट बदल दें क्या? मैंने कहा कि इस मौसम में हम रडार से बच सकते हैं। मैंने कहा कि आसामान में बादल हैं और बारिश हो रही है। यह हमारे लिए फायदेमंद हो सकता है। '
पीएम मोदी के इस बयान को लेकर एक बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसकी आलोचना कर रहे हैं तो वहीं कुछ लोग व्यंग्यात्मक तरीके से इस पर टिप्पणी कर रहे हैं। कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा - "सोचा था क्लाउडी है मौसम नहीं आऊंगा रडार में..."
रडार सिस्टम ट्रांसमिट किये जाने वाली विस्तृत फ्रीक्वेंसी बैंड में काम करते हैं। रडार प्रणाली की फ्रीक्वेंसी (आवृत्ति )जितनी अधिक होती है, उतनी ही यह बारिश या बादलों जैसे मौसम की स्थितियों से प्रभावित होती है।जितनी ज्यादा उच्चतर फ्रीक्वेंसी ट्रांसमिट की जाती है उतनी ही रडार प्रणाली की सटीकता बेहतर होती जाती है।वायुमंडलीय परीस्थितियाँ राडार की परफॉरमेंस प्रभावित करती है।
ज्यादा जानकारी के लिए आप राडार तकनीकी की सबसे सटीक वेबसाइट पर जाकर पढ़ सकते है कि किस तरह विभिन्न राडार भिन्न भिन्न बैंड्स पर क्लाउड और अन्य वायुमंडलीय कारको से प्रभावित होते है।
http://www.radartutorial.eu/07.waves/Waves%20and%20Frequency%20Ranges.en.html
Jumla hi fekta raha paanch saal ki sarkar mein,
— Congress (@INCIndia) May 12, 2019
Socha tha cloudy hai mausam,
Nahi aaunga radar mein. pic.twitter.com/xDeOg4Yq5K