CAA पर मायावती का रुख पड़ा नरम ,ट्वीट कर जताया मत !
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती जहाँ पहले नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में थी। मायावती ने कहा था कि हम सीएए के विरोध में जरूर है, लेकिन इसके विरोध में हिंसा की कोई जगह नहीं है। बसपा मुखिया ने कार्यकर्ताओं से अपील की थी कि वे लोग कानून को अपने हाथ में न लें, कहीं पर भी सड़क पर न उतरें।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि नागरिकता को लेकर जो कानून बनाया गया है, वह असंवैधानिक है. पार्टी शुरू से ही इसका विरोध कर रही है। इसके बाद भी हम दूसरी पाटियों की तरह हिंसा और सामाजिक संपत्ति को बर्बाद करने में विश्वास नहीं रखते हैं। हमारी पार्टी और कार्यकर्ता बेहद अनुशासित हैं। उन्होंने कहा कि भले ही पूरे देश में बवाल हुआ है लेकिन मैं अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील करती हूं कि इस समय व्याप्त इमरजेंसी जैसे हालात में सड़क पर न उतरें। मायावती ने कहा कि हमने शुरु से ही इस कानून का विरोध किया है लेकिन हम दूसरी पाटियों की तरह हिंसा और सामाजिक संपत्ति को बर्बाद करने में विश्वास नहीं रखते हैं।
वही आज सुबह बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट कर कहाँ -"बी.एस.पी. की माँग है कि केन्द्र सरकार CAA/NRC को लेकर खासकर मुसलमानों की सभी आशंकाओं को जल्दी दूर करे तथा उनको पूरे तौर से सन्तुष्ट भी करना चाहिये तो यह बेहतर होगा। लेकिन इसके साथ ही मुस्लिम समाज के लोग सावधान भी रहें। कहीं इस मुद्दे की आड़ में उनका राजनैतिक शोषण तो नहीं हो रहा है और वे उसमें पिसने लगे हैं। मायावती जी के बयानो से संकेत मिल रहे है कि आगामी विधान सभा चुनाव में बीजेपी से सम्बन्ध जोड़ने में इनको कोई समस्या नहीं है । "
धीरे धीरे बसपा सुप्रीमो मायावती नागरिकता संशोधन कानून के पक्ष में खड़ी होती नज़र आ रही है। मायावती भविष्य की राजनीती को भाँपने में माहिर है और अपने मोहरे आगे बढ़ा रही है।