हर जिले में कम से कम एक ब्लॉक में शत प्रतिशत घरों में नल कनेक्शन कराएं: मुख्य सचिव
जयपुर, 29 जून। मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने जिला कलक्टरों को जल जीवन मिशन के कार्यों की गति बढ़ाते हुए हर जिले में कम से कम एक ब्लॉक में शत प्रतिशत घरों में नल कनेक्शन कराने के निर्देश दिए। आर्य मंगलवार को यहां शासन सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर्स एवं संबंधित जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ विभिन्न योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे।
मुख्य सचिव आर्य ने कहा कि राजस्थान के लिए पेयजल सबसे प्रमुख प्राथमिकता में है। राज्य में जल जीवन मिशन के अन्तर्गत पर्याप्त बजट एवं स्वीकृतियां जारी की गई हैं। जिला कलक्टर स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्र एवं स्वास्थ्य केन्द्रों को प्राथमिकता देते हुए घर-घर नल कनेक्शन कराकर लक्ष्य अर्जित करें। उन्होंने कमजोर प्रदर्शन वाले एवं आकांक्षी जिलों में विशेष रणनीति के तहत कार्य कर प्रदर्शन सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में कम से कम एक ब्लॉक में सौ फीसदी घरों में नल कनेक्शन कराएं, ताकि वह अन्य ब्लॉक के लिए मॉडल बन सके।
आर्य ने घर-घर औषधि योजना के तहत सवा करोड़ परिवारों को तीन बार में 30 करोड़ पौधे वितरित करने को चुनौतिपूर्ण कार्य बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की इस महत्वाकांक्षी योजना को प्रभावी क्रियान्वयन कर सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि जिला कलक्टर पौध परिवहन, वितरण एवं जागरूकता के लिए जिले की अनुकूलता के अनुसार नवाचार अपनाएं।
मुख्य सचिव ने खरीफ सीजन में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उर्वरकों की बिक्री पोस मशीन के माध्यम से कराएं, सीमावर्ती जिलों से पड़ौसी राज्यों में पलायन को रोकने के लिए पुख्ता व्यवस्था करें तथा गुणवत्ता एवं संभावित काला बाजारी पर सतत निगरानी रखें। उन्होंने फसल बीमा योजना के तहत सभी फसल कटाई प्रयोग मोबाइल एप के माध्यम से करवाने तथा कृषि महाविद्यालयों एवं पशु चिकित्सा संस्थाओं के लिए शीघ्र भूमि आवंटन के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि बिजली कनेक्शन की जिलावार समीक्षा करते हुए लक्ष्य के मुताबिक जल्दी से जल्दी कनेक्शन कर काश्तकारों को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने राज किसान साथी पोर्टल, सूक्ष्म सिंचाई योजना, उद्यानिकी फसलों के क्षेत्रफल एवं उत्पादन के वास्तविक आंकड़ों का अंकन, कृषि प्रसंस्करण, व्यवसाय एवं निर्यात नीति के क्रियान्वयन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, कुसुम योजना, डेयरी बूथ आवंटन एवं जिला स्तरीय नंदीशाला के चयन की समीक्षा की।
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