रीट के सफल आयोजन के लिए समय पर करें प्रभावी तैयारियां : मुख्य सचिव
जयपुर, 21 सितम्बर। मुख्य सचिव श्री निरंजन आर्य ने आगामी 26 सितम्बर को होने वाली राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट)-2021 के सफल आयोजन में जिला कलक्टर एवं पुलिस अधीक्षक की सबसे मह़त्ती जिम्मेदारी बताते हुए समय पर सभी तैयारियां पुख्ता करने के निर्देश दिए। श्री आर्य मंगलवार को यहां शासन सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संभागीय आयुक्त एवं जिला कलक्टरों के साथ विभिन्न योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे।
मुख्य सचिव ने पुख्ता सुरक्षा के साथ प्रश्न पत्रों को परीक्षा केन्द्रों तक पहुंचाने एवं परीक्षा समाप्ति के बाद ओएमआर शीट बोर्ड कार्यालय में सुरक्षित ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने परीक्षा में किसी भी प्रकार के अनुचित साधनों के प्रयोग को रोकने तथा शांतिपूर्वक परीक्षा सम्पन्न कराने के लिए पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने जयपुर, जोधपुर, अजमेर, अलवर एवं सीकर के पुलिस आयुक्त, जिला कलक्टर एवं पुलिस अधीक्षकों से तैयारियों का फीडबेक लिया।
स्वास्थ्य बीमा योजना में शत प्रतिशत पंजीकरण कराएं
श्री आर्य ने चिकित्सा विभाग के फ्लेगशिप कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का कवरेज दायरा बढ़ाते हुए ‘प्रशासन गांवों के संग’ शिविरों के माध्यम से शत प्रतिशत पंजीकरण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने गत दिनों गोविन्दगढ़ (जयपुर) सीएचसी के किए निरीक्षण का जिक्र करते हुए सरकारी अस्पतालों में समस्त निःशुल्क दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा भर्ती होने वाले सभी मरीजों को बीमा योजना का लाभ देने के निर्देश दिए।
वक्फ सम्पतियों से अतिक्रमण हटाने के निर्देश
मुख्य सचिव ने जिला कलक्टरों को अल्पसंख्यक मामलात विभाग के छात्रावासों के लिए समय पर भूमि आवंटन करने, वक्फ सम्पतियों से अतिक्रमण हटाने एवं राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कराने तथा 15 सूत्री कार्यक्रम की स्वयं के स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय डेटाबेस के लिए सभी प्रकार के असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम पंचायत कलस्टर स्तर, उपखंड स्तर एवं जिला स्तर पर जनसुनवाई एवं समाधान कार्यक्रम की समीक्षा की।
रीट में 25 लाख अभ्यर्थी पंजीकृत, शारीरिक तौर पर 16 लाख बैठेंगे
शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री पवन कुमार गोयल ने परीक्षा आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस परीक्षा के लिए 25 लाख 71 हजार अभ्यर्थी पंजीकृत हैं, जिनमें से 9 लाख अभ्यर्थी दोनों स्तर की परीक्षा में शामिल होंगे। इस प्रकार शारीरिक तौर पर 16 लाख 22 हजार अभ्यर्थी इस परीक्षा में बैठेंगे। उन्होंने बताया कि इनमें से 2 लाख 70 हजार अभ्यर्थी दूसरे राज्यों के हैं तथा 7 लाख 30 हजार परीक्षार्थी स्वयं के गृह जिले में परीक्षा देंगे एवं 6 लाख 20 हजार अभ्यर्थियों का अन्तर जिला आवागमन होगा।
समन्वित प्रयासों से आवागमन की सुगम व्यवस्था
श्री गोयल ने बताया कि परिवहन विभाग, रोडवेज एवं रेलवे के समन्वित प्रयासों से आवागमन की सुगम व्यवस्था की जा रही है। रेलवे से 9 रूट्स पर 17 विशेष रेलगाड़ियों के संचालन का आग्रह किया गया है। परीक्षा संचालन की अन्य व्यवस्थाओं की पुख्ता तैयारी की जा रही है। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को परीक्षा केन्द्रों पर समय पर प्रश्न पत्र पहुंचाने, अधिकारियों की नियुक्ति, केन्द्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्रों में त्रुटियों को सुधारने के निर्देश दिए।
पेपर लीक जैसी आशंका को रोकने के लिए एसओजी अलर्ट
गृह विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री अभय कुमार ने बताया कि पेपर लीक जैसी आशंका को रोकने के लिए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) अलर्ट मोड़ पर है। उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षकों को विशेष सतर्क रहने के निर्देश देते हुए कहा कि इस प्रकार की कोई अफवाह हो तो तुरंत रोकें। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (लॉ एंड ऑर्डर) श्री सौरभ श्रीवास्तव ने परीक्षा के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए की गई व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि इसके लिए हर स्तर पर पुख्ता बंदोबस्त किया गया है।
सवा दो करोड़ असंगठित श्रमिकों के पंजीयन का लक्ष्य
श्रम विभाग के शासन सचिव श्री नीरज कुमार पवन ने ‘असंगठित कामगारों का राष्ट्रीय डेटाबेस (एनडीयूडब्ल्यू)’ की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि असंगठित श्रमिकों के पंजीकरण के लिए गत 26 अगस्त से रजिस्ट्रेशन पोर्टल चालू हो गया है। उन्होंने बताया कि राजस्थान में इसके तहत 2 करोड़ 26 लाख श्रमिकों के पंजीयन का लक्ष्य रखा गया है, जो कुल जनसंख्या का 28 फीसदी है। कॉमन सर्विस सेन्टर, चयनित पोस्ट ऑफिस, श्रम विभाग के सुविधा केन्द्रों पर निःशुल्क पंजीकरण कराया जा सकता है। ई-मित्र केन्द्रों पर भी यह सुविधा शीघ्र शुरू कर दी जाएगी।
बैठक में प्रशासनिक सुधार विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री अश्विनी भगत, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के शासन सचिव श्री वैभव गालरिया, राजस्थान हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती अरूणा राजोरिया एवं अल्प संख्यक मामलात विभाग के शासन सचिव श्री पीसी किशन उपस्थित थे। बैठक में विभिन्न विभागों के शासन सचिव, संभागीय आयुक्त एवं जिला कलक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से शामिल हुए।
Disclaimer : All the information on this website is published in good faith and for general information purpose only. www.newsagencyindia.com does not make any warranties about the completeness, reliability and accuracy of this information. Any action you take upon the information you find on this website www.newsagencyindia.com , is strictly at your own risk

https://play.google.com/store/apps/details?id=com.wincompete&hl=en