संक्रमण रोकने के लिए हथियार के रूप में लागू किया लॉकडाउन : मुख्यमंत्री
जयपुर, 10 मई। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधायकों तथा पंचायतीराज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों का आहवान किया है कि प्रदेश भर में 24 मई तक लागू लॉकडाउन के प्रतिबंधों की कड़ाई से पालना करने के लिए आमजन को प्रेरित करें तथा कोरोना महामारी के प्रसार को रोकने में राज्य सरकार का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि पक्ष-विपक्ष और समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर ही यह जंग बेहतर तरीके से लड़ी जा सकती है। गहलोत ने अपील की कि सभी लोग यह संकल्प लें कि वे लॉकडाउन को सफल बनाएंगे।
गहलोत सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो कॉफ्रेन्स के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते कोरोना संक्रमण के विषय पर मंत्रिपरिषद के सदस्यों, विधायकगण, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जिला प्रमुख से लेकर वार्ड पंच स्तर तक के पंचायती राज जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार संक्रमितों के इलाज का बेहतर प्रबंधन कर सकती है, उन्हें अच्छी से अच्छी चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करा सकती है। लेकिन अगर संक्रमण बढ़ता रहा तो ये सुविधाएं भी कम पड़ सकती हैं। ऎसे में, नागरिक भी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए संक्रमण से बचाव के लिए आत्मसंयम बरतें और दो गज दूरी रखने, मास्क पहनने तथा बेवजह घर से बाहर नहीं निकलने के कोविड हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में घातक वायरस शहरों के साथ-साथ गांव-ढाणी तक फैल रहा है। बड़ी संख्या में युवाओं, बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं तक को चपेट में ले रहा है तथा इससे होने वाली मौतों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि पूरे देश और प्रदेश में बेहद चिंताजनक एवं व्यथित करने वाले हालात हैं, जिन्हें पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कोविड अनुशासन की पालना करके ही सुधारा जा सकता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में कोविड सहित विभिन्न गंभीर बीमारियों के इलाज को कवर किया गया है, इसलिए सभी जनप्रतिनिधियों से अनुरोध है कि वे इस योजना की जानकारी अधिकाधिक लोगों को दें और सभी परिवारों का ई-मित्र आदि के माध्यम से समय पर निशुल्क पंजीयन करवाएं।
गहलोत ने कहा कि वायरस से संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए प्रभावी हथियार के तौर पर प्रदेश में लॉकडाउन के तहत आवागमन पर प्रतिबंध लागू किए गए हैं। इन नियमों की पालना करवाने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बीमार लोगों की जांच करवाने, संदिग्ध व्यक्तियों को होम आइसोलेशन अथवा संस्थागत क्वारेंटीन केन्द्रों में रखने और संक्रमितों को उपचार की सुविधा तथा जरूरतमंदों को भोजन आदि उपलब्ध करवाने में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अहम भूमिका है। उन्होंने अपील की कि प्रदेशवासियों को संकट के दौर से बाहर निकालने में सभी लोग एक-दूसरे की मदद करें।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि वैक्सीनेशन को गति देकर इस महामारी से बचा जा सकता है। हमारा पूरा प्रयास है कि राज्य में वैक्सीनेशन कार्यक्रम पूरी गति से संचालित किया जाए। उन्होंने केंद्र सरकार से सभी आयु वर्ग के लोगों को टीकाकरण के लिए पर्याप्त वैक्सीन उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि यह समय खामियां या कमियां गिनाने का नहीं, कोरोना के खिलाफ राजनीतिक भेदभाव से ऊपर उठते हुए एकजुटता से लड़ाई लड़ने का है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि इस विषम परिस्थिति में राज्य सरकार को प्रतिपक्ष की ओर से सकारात्मक सहयोग मिलेगा। उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ तथा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने भी इसी तरह की भावना व्यक्त करते हुए कहा कि कोविड अनुशासन की पालना में पंचायत जनप्रतिनिधियों की भूमिका पहली लहर से भी अधिक बढ़ गई है।
नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल, राजस्व मंत्री हरीश चौधरी, शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा, चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, विधानसभा में मुख्य सचेतक डॉ. महेश जोशी, विधायक बलवान पूनिया सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने कहा कि कोरोना के खिलाफ हमें लड़ाई सामाजिक रूप से भी लड़नी होगी। इसके लिए गांव-ढाणी तक जागरूकता को हथियार बनाना होगा।
मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने कोरोना की दूसरी भयावह लहर की तीव्रता तथा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहे संक्रमण के बारे में जानकारी दी। पुलिस महानिदेशक एमएल लाठर तथा प्रमुख सचिव गृह अभय कुमार ने लॉकडाउन के प्रतिबंधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शासन सचिव पंचायतीराज श्रीमती मंजू राजपाल ने कोविड प्रबंधन तथा मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के पंजीयन में वार्ड स्तर से लेकर जिला प्रमुख तक सभी पंचायतीराज जनप्रतिनिधियों की भूमिका के बारे में बताया।
शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सिद्धार्थ महाजन ने कोविड प्रबंधन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में एक्टिव रोगियों की संख्या 2 लाख से अधिक हो गई है। संक्रमण की यही रफ्तार रही तो 26 दिन में यह संख्या दोगुनी हो सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में घर-घर सर्वेक्षण के माध्यम से कोरोना संक्रमितों की पहचान करने और दवा किट वितरण का अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। अभी तक 7 लाख से अधिक लोगों की खांसी, बुखार, जुकाम से पीड़ित के रूप में पहचान की गई है और उन्हें दवाओं का वितरण किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट और मोबाइल वैन के माध्यम से भी कोविड के साथ-साथ नॉन कोविड बीमारियों के इलाज की व्यवस्था की गई है।
कॉन्फ्रेंस के दौरान चिकित्सा विशेषज्ञों डॉ. राजाबाबू पंवार एवं डॉ. सुधीर भंडारी ने जनप्रतिनिधियों को कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति, इसकी गंभीरता और तेजी से हो रहे प्रसार को रोकने के उपायों पर विस्तृत जानकारी दी।

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