आपकी जान की कोई कीमत नहीं,सिंचाई विभाग अनुसार गोवर्धन सागर असुरक्षित,UIT के अनुसार सुरक्षित !
गोवर्धन सागर छलक उठा है और पिछले दो दिन से से इस पर आधा फ़ीट चादर चल रही है। इस गोवर्धन सागर से जुड़े पीछोला के जलस्तर में भी वृद्धि हुई है और जल्द ही मदार के पानी के भी फतहसागर के छलकने की उम्मीद है। आपको बताते चले कि गोवर्धन सागर की रिंग रोड पर सरस पार्लर वाले गेट के सामने गोवर्धन सागर का झील से लगता रोड किनारा झील में धंस कर उसमे समा गया है। साथ शिकारबाड़ी वाले रास्ते की तरफ घाट से लगते मंदिर के पास की पाल में कई जगह तड़क पड़ गयी है और लगभग 7 नयी जगहों से छोटे छोटे छिद्रों से पानी का रिसाव अब भी जारी है। पाल के ये छोटे रिसाव और छिद्र कभी भी किसी भी भूगर्भिक हलचल के दौरान बड़े होकर गोवर्धन सागर की पाल को खत्म कर सकते है। साथ ही शिकारबाड़ी वाली रोड पर किनारे पर पाल के नीचे की दिवार खोखली हो चुकी है और कभी भी कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय लोगो ने प्रशाशन से दो महीने पूर्व भी जब झील किनारो से पूरी खाली थी,तब इस पाल की मरम्मत हेतु ध्यान आकर्षित करवाया था और UIT से अधिकारी विनीत शर्मा ,सिंचाई विभाग के अधिकारी और नगर निगम के अधिकारी ,पार्षद और स्थानीय लोग यहाँ इकट्ठे भी हुए थे और पाल की तेह में चूहों के खड्डों सहित अन्य मरम्मत की बातें की गयी थी लेकिन उस दिन के बाद से किसी विभाग ने इस झील की सुध नहीं ली। हाल मे जब लोगों ने पुछा तो एक दूसरे विभागों की तरफ जिम्मेदारी थोप दी गयी और कहा गया कि विभाग ने NOC नहीं दी।
बरहाल बारिश का दौर जारी है और गोवर्धन सागर में पानी का स्तर अभी भी साढ़े नौ फिट से ऊपर चल रहा है। प्रशाषन दबे पाँव गोवर्धन सागर को 8 फ़ीट के लेवल पर खाली की सोच रहा है जिससे संभावित तेज़ बारिश के हालात में पानी को काबू किया जा सके। लेकिन दुःख का विषय है कि उदयपुर के आधार झीलों की तरफ स्थानीय प्रशाशन के सभी विभाग लापरवाह है और झीलें त्रस्त है।