वीडियो और फोटो :गोवर्धन सागर फूटने की आशंका में नगर निगम ने किया 1 फ़ीट पानी खाली !
झीलों की नगरी उदयपुर लबालब भरी झीलों से गुलज़ार होती नज़र आ रही है। जहाँ पीछोला और गोवर्धन सागर लबालब हो चुके है ,वहीं गोवर्धन सागर में पानी की आवक जारी है और सीसारमा का जलस्तर अभी भी छः फ़ीट के आसपास चल रहा है। लोगों को उम्मीद है कि इस नए दौर की वर्षा में फतहसागर भी छलक उठे।
फ़िलहाल गोवर्धन सागर छलक उठा है और सुबह पाँच बजे से इस पर 6 इंच चादर चल रही है। इस गोवर्धन सागर से जुड़े पीछोला के जलस्तर में भी वृद्धि हुई है और जल्द ही मदार के पानी के भी फतहसागर पहुंचने की उम्मीद है। आपको बताते चले कि गोवर्धन सागर पर शिकारबाड़ी वाले रास्ते की तरफ घाट से लगते मंदिर के पास की पाल में कई जगह तड़क पड़ गयी है और लगभग 8 जगहों से छोटे छोटे छिद्रों से पानी का रिसाव जारी है। पाल के ये छोटे रिसाव और छिद्र कभी भी किसी भी भूगर्भिक हलचल के दौरान बड़े होकर गोवर्धन सागर की पाल को खत्म कर सकते है। इसी वर्ष गोवर्धन सागर में नाव संचालन भी शुरू किया है जिसके चलने से हिलने वाली पानी की हिल्लोरे भी पुरानी पाल को नुकसान पंहुचा रही है।
आपको बताते चले कि तीन माह पूर्व भी स्थानीय लोगों ने नगर निगम ,सिंचाई विभाग और UIT को इस बावत बताया था और मौके पर नगर निगम ,सिंचाई विभाग और UIT के अधिकारी भी पहुंचे थे। टालमटोल करने के बाद आज विभागों ने एक दूसरे से NOC नहीं मिलने से मरम्मत नहीं हो पाने की बात कही है। झील के पाल की तह में चूहों ने बिल बना लिए थे जिससे पानी जब फुल भर गया तो प्रेशर के कारण पाल की दिवार के अंदर जगह बना कर इधर उधर से निकल रहा है। फ़िलहाल नगर निगम के अधिकारी मुकेश पुजारी और शशिबाला सिंह ने मौके पर पहुँच कर रिसाव वाली पाल के नीचे रेती से भरे कट्टे डलवाये है लेकिन कट्टो की संख्या से ऐसा लगता है कि अतिवृस्टि के टाइम ये ढ़ाक के तीन पात साबित होंगे। पाल की बाहरी दिवार जहा से पानी बह रहा है उसके निराकरण की अभी प्रशाशन ने सोची नहीं है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशाषन के ढुल मूल रवैये से नाराज होकर गोवर्धन विलास गांव के हाईवे पर जाम लगा दिया। पुलिस और अन्य अधिकारियों की समझाइश पर नागरिको ने जाम खोल दिया।
साथ ही गोवर्धन सागर की ओवरफ्लो रपट के पास बनाये गए स्लूस गेट इस कदर तकनीकी रूप से गलत बनाया था कि रपट से तो पानी बहना जारी था लेकिन स्लूस गेट का लेवल ऊँचा होने से गेट खोलने के बाद भी पानी निकल नहीं पाया और अंततः गेट के निचे के फर्श को तोड़कर पानी निकाला जा रहा है।
एक ओर महत्वपूर्ण बात ये है कि सतोरिया नाला रपट के पास तो चौड़ा है लेकिन आगे कि कॉलोनी जैसे सेक्टर 13 और आगे की तरह ये सकड़ा है। अगर एक तेज़ बारिश ओर आ जाती है तो निश्चित तोर पर ये नाला पानी को रोक नहीं पाएगा और गोवर्धन विलास सहित गोविन्द नगर और सेक्टर 11,13 के इलाको में जल प्लावन का खतरा हो सकता है।
प्रशाशनिक लापरवाही का आलम ये है कि नगर निगम दो सालों में भी झील की पाल की मरम्मत नहीं करवा पाया और आज मज़बूरी में जीवन रूपी जल को फालतू बहाकर सुरक्षा की जा रही है।इसी तरह इससे बड़ा रिसाव स्वरुप सागर की पाल पर हो रहा है जिसमे भी प्रशासनिक लापरवाही देखी जा रही है। आपको बताते चले कि न्यूज़एजेंसीइंडियाडॉटकॉम की टीम ने पॉँच दिन पहले ही अपनी न्यूज़ के मार्फ़त इस रिसाव की जानकारी प्रशाशन को दे दी थी फिर भी प्रशाशन के कानों पर ज़ू तक नहीं रेंगी। न्यूज़एजेंसीइंडियाडॉटकॉम की टीम अब अपने प्रयासों के मार्फ़त इस लीकेज को पाटने का प्रयास करेगी जिसमे सभी अनुभवी लोगों से सहायता की दरकार है और निपुण व्यक्ति 8233776786 पर कॉल कर प्रयास में हमारी मदद कर सकते है।