अब आएगा ऊंट पहाड़ के नीचे, झील प्रेमियों ने माँगी झील से संबंधित फ़ाइल की कॉपियां !
उदयपुर की पीछोला झील में चल रही अवैध नावों, जेट्टीयों और अनियमितताओं के संबंध में झील प्रेमी तेज शंकर पालीवाल और अन्य लोगों ने राजस्थान सरकार और उसके साथ अन्य विभागों के खिलाफ माननीय अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश क्रम संख्या 4 ,उदयपुर में वाद दर्ज करवाया था।
इसी क्रम में नगर निगम उदयपुर को कार्यालय अधिशासी अभियंता जल संसाधन खंड उदयपुर द्वारा दिनांक 18 दिसंबर 2017 को क्रमांक/सामान्य (झील हस्तांतरण)/ 2017- 2018/ 7574 पत्र के जरिए संपूर्ण पिछोला झील के आधिपत्य रखरखाव संबंधित सभी अधिकार नगर निगम उदयपुर को हस्तांतरित कर दिए गए थे और उक्त पत्रावली भी नगर निगम उदयपुर के पावर एवं पोजीशन में सौंप दी गई थी । उक्त संपूर्ण पत्रावली के साथ पिछोला झील में संचालित नावों की अनुमति, जेट्टीयों की अनुमति ,होटलों से किए गए अनुबंध की नकल एवं अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जो कि इस विषय से संबंधित हैं ,इन पत्रावली की नकल को वादियों को दिलाने हेतु न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया गया है।
यहाँ ये देखना दिलचस्प होगा कि अब तक मौखिक रूप से ये कहने वाले निगम के अधिकारी कि हमारे पास ज्यादा डिटेल्स नहीं है,वो अब न्यायालय को क्या जवाब देते है।
