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Current News / खुलासा : पीछोला झील में जेट्टीयां चलती बिना मानक और किराए, मिली भगत के चलते निगम को हो रहीं लाखों के राजस्व की चपत !

खुलासा : पीछोला झील में जेट्टीयां चलती बिना मानक और किराए, मिली भगत के चलते निगम को हो रहीं लाखों के राजस्व की चपत !
News Agency India December 01, 2020 10:19 PM IST

खुलासा : पीछोला झील में जेट्टीयां चलती बिना मानक और किराए, मिली भगत के चलते निगम को हो रहीं लाखों के राजस्व की चपत !

उदयपुर नगर निगम एक तरफ राजस्व नहीं होने की कहानी का झुनझुना बजा रहा है वहीं जहाँ से और जिन तिलों से तेल निकाला जा सकता है ,उन तिलों को ही दरकिनार कर रहा है क्योंकि निगम के ही कुछ अधिकारी होटल वालों से अपने प्रगाढ़ संबंधों के चलते निगम को करोड़ो की चपत लगाने में पीछे नहीं है।ऐसा ही कुछ हो रहा है पीछोला में चलने वाली होटल वालों की नाव संचालन के लिए प्रयुक्त किये जाने वाले प्लेटफॉर्म (जेट्टी) के किराए और मानकों के सम्बन्ध में।

आपको जानकर रोष होगा कि फिलहाल उदयपुर नगर निगम होटल वालों से इन जेट्टीयों का कोई अलग से किराया अथवा फीस वसूल नहीं करता है। नाव संचालन के साथ ही जेट्टीयों की अनुमति सँख्या और जगह के आधार पर दी जाती है। इसी कारण अलग अलग होटल वाले अपनी मन मर्जी के आकार की जेट्टी पीछोला झील में उतार देते है। कही कही तो जेट्टी पर बाकायदा गार्ड केबिन और स्थायी बेंच तक लगा दी गयी है।

इसके साथ ही नगर निगम उदयपुर के अधिकारियों के संबंधों की बानगी देखिए कि कई होटल वालों ने अनुमति से ज्यादा जेट्टीयां पीछोला झील में उतार रखी है और इसकी जानकारी नगर निगम के अधिकारियों को भी है फिर भी कार्यवाही करने में अधिकारी बगले झांकने लग जाते है।

सूत्र बताते है कि जब पीछोला का स्वामित्व जल संसाधन विभाग के पास था,तब नाव के साथ जेट्टीयों का भी पृथक शुल्क लिया जाता था। लेकिन नगर निगम को पीछोला का स्वामित्व हस्तांतरण होने के बाद नियमों में फेरबदल किये गए और अब सिर्फ नाव सँख्या के आधार पर शुल्क लिया जाता है।

यहाँ ये बात समझ से परे है कि जिन होटल वालों की नाव की जेट्टीयों से अच्छा खासा राजस्व निगम को मिल सकता था वहीं किसके निर्देश और कहने पर नाव के शुल्क के साथ जेट्टीयों का शुल्क समायोजित कर लिया गया ? कौन ऐसे फैसले लेने के लिए नगर निगम उदयपुर को बाध्य करता है जिससे निगम को ही करोड़ो के राजस्व की हानि हो !

दूसरी महत्वपूर्ण बात ये है कि कुछ होटल वालों ने नगर निगम उदयपुर की अनुमति के बिना होटल के रखरखाव के नाम पर पीछोला झील के अंदर पोंटून (छोटे प्लेटफॉर्म) उतार रखे है जिसका गाहे बगाहे अन्य कामों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यहाँ तक कि शहर की एक पाँच सितारा होटल ने बिना अनुमति झील में बाकायदा एक जेट्टी उतार कर उस पर टेंट की छत लगाकर इस्तेमाल कर रही है और उदयपुर नगर निगम के अधिकारी अपने संबंधों के आगे कार्यवाही करने से बच रहे है।

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