जैन धर्म का पर्युषण पर्व, जिनालय जगमगाए ,कोरोना प्रोटोकॉल के पालन हेतु समाज ने निभाई अपनी जिम्मेदारी !
जैन धर्म का सबसे पवित्र पर्व पर्युषण चल रहा है। समस्त जिनालय रोशनी से जगमगा रहे है । उदयपुर शहर में भी कई प्राचीन जैन मंदिर है जिनमे कुछ हज़ारों वर्ष प्राचीन भी है, उदयपुर का आयड़ श्वेतांबर जैन मंदिर 5500 वर्ष पुरानी आहड़ सभ्यता के समय का है इसी प्रकार कई अन्य प्राचीन जैन मंदिर भी है। जिनके प्रांगण में पर्युषण के समय पैर रखने की भी जगह नही रहती।
कोरोना काल के कारण पहली बार जिनालय सुने है। जैन समाज कोरोना प्रोटोकॉल के पालन की जिम्मेदारी अनुशासन से निभा रहा है। जैन श्रावक श्राविकाएं सरकारी नियम कानून पालन के लिये घर पर ही धर्म पालन और अन्य धार्मिक क्रियाएं कर रहे है।
उदयपुर के 5500 वर्ष प्राचीन आयड़ जैन मंदिर के दर्शन लाभ आप सभी के लिये !
पत्रकार : जयवंत भैरविया की कलम से !
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