उदयपुर पुलिस की एक साथ कई अवैध हुक्का बारों पर कार्यवाही,लगातार छापों से भी नहीं हो रहे बंद !
15 से 20 वर्ष की आयु के स्कूल-कॉलेज के लडक़े-लड़कियां खुलेआम हुक्का बार में अलग-अलग फ्लेवर में कस खींचकर स्वयं को नशे के गर्त में धकेलने में गुरेज नहीं कर रहे है। छोटी-मोटी पार्टी, बर्थ-डे पर मौज-मस्ती के लिए हुक्का अब स्टेटस सिम्बल बन गया है और दिनोंदिन यह इनकी पहली पसंद बनता जा रहा है। जवानी की दहलीज चढ़ते किशोरों को यह पता भी नहीं है कि उन्हें आदत डालने के लिए संचालक विभिन्न फ्लेवर के साथ नशा परोस रहे हैं। पुलिस व प्रशासन इन सब के बारे में जानकार भी अनजान बने हुए हैं। हुक्के के लिए किसी तरह का कानून नहीं होने एवं कलक्टर की तरफ से प्रतिबंध का आदेश जारी नहीं करने से यह धंधा शहर में काफी फल-फूल रहा है।
रियासत कालीन हुक्का उदयपुर शहर में अपनी पहचान बढ़ाता चला जा रहा है उदयपुर के युवा जन अलग दिखने के लिए और अपनी अलग पहचान बनाने के लिए नशे के रूप में बियर के साथ में और शराब के साथ में हुक़्क़े का सेवन कर रहे हैं और हुक़्क़े के साथ में कई अन्य मादक पदार्थों का सेवन हुक्कों की आड़ में किया जा रहा है। उदयपुर में अवैध हुक्का बारों की संख्या हज़ारों में पहुँचने लगी है। कही सरेआम तो कई लोगों की नज़रो से बचाकर युवा पीढ़ी को हुक्का पिलाया जा रहा है।
राजाओं और रजवाड़े के अलावा गांव में बड़े बुजुर्गों की शान रहा हुक्का अब युवा पीढ़ी का पसंदीदा नशा हो गया है। मौज-मस्ती के बीच हल्का नशा लेने के लिए लडक़े व लड़कियां बीयर के साथ ही इसका कश खींच अपने आप को मॉडर्न समझ रहे हैं। बाकायदा कई रेस्टारेंट में इसके लिए एक टेबल पर 10-12 हुक्का की भी अलग से व्यवस्था देखी जा सकती है।
उदयपुर पुलिस को मिली गुप्त सूचनाओं के आधार पर समय-समय पर उदयपुर पुलिस इन तथाकथित को के बारों पर कार्रवाई भी करती है इसी क्रम में 29 नवंबर 2019 को उदयपुर पुलिस ने उदयपुर के 10 हुक्का बारों पर एक साथ कार्रवाई कर दबिश को अंजाम दिया। जिला पुलिस अधीक्षक कैलाश विश्नोई के नेतृत्व में एएसपी गोपाल स्वरूप मेवाड़ा ,राजीव जोशी ,महेंद्र पारीक, प्रेम धंदे ,चेतना भाटी, पर्वत सिंह और नेत्रपाल सिंह सहित अंबामाता घंटाघर हाथीपोल थाना अधिकारियों के साथ कई टीमों का गठन किया गया और रैकी के बाद पुलिस ने देर रात एक साथ 10 हुक्का बारों पर कार्रवाई कर हुक्का संचालकों को गिरफ्तार किया।
हुक्का संचालक और कार्यवाही :
- दूध तलाई स्थित बाइकर्स हुक्का बार पर छापा डालकर पंकज शर्मा व 10 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया
- गोवर्धन विलास स्थित येलो होटल पर छापा डालकर संचालक जगदीश वैष्णव सहित कुणाल और 13 अन्य को गिरफ्तार किया गया
- नागा नगर स्थित कैसे क्लॉक टाउन संचालक कुमार मेघवाल और 8 अन्य व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया
- न्यू पुलिया घंटाघर स्थित डोलपेटा संचालक शैलेंद्र गांधी और तीन अन्य व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया
- कारोही हवेली चांदपोल स्थित नवीन यादव और साहिल राठौड़ को गिरफ्तार किया गया
- बलीचा स्थित क्लाउड विला संचालक महेंद्र सालवी और अन्य चार लोगों को गिरफ्तार किया गया
- शोभागपुरा स्थित लेक क्यूबा संचालक महेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया
- वुल्फ कैफे नागा नगरी स्थित जुआ खेलते सात गिरफ्तार किए गए वह 62000 रूपये जब्त किए गए
युवाओं से बातचीत करने पर पता चलता है कि अधिकतर स्कूल व कॉलेज के हैं जो घरों से चोरी -छिपे मजा लेने पहुंचते है। उदयपुर प्रशासन और पुलिस सब कुछ जानती है पर कार्यवाही ऐसी नहीं की जाती कि पुलिस के इक़बाल से इन लोगों में डर रहे कि हुक्का बार चला कर युवा पीढ़ी को बर्बाद नहीं करना है। हुक्का के बढ़ते चलन के बीच उदयपुर जिला पुलिस की स्पेशल टीम ने अब तक 86 बार कार्यवाही की है ।आपको बताते चले कि "सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनियमन) (राजस्थान संशोधन) विधेयक के अंतर्गत अवैध हुक्का बार मालिक को तीन साल तक की जेल हो सकती है ।इस विधेयक के अंतर्गत सार्वजनिक स्थान के साथ भोजनालयों, जल पान के स्थानों के अलावा समूह में कहीं भी बैठकर हुक्का पीना गैरकानूनी होता है।
आए दिन होता था हंगामा... कैफे की आड़ में हुक्का बार चलने से आसपास रहने वाले लोग काफी परेशान थे। लोगो का कहना है कि आए दिन देर रात तक पार्टियां होती है और कई बार उनमें आपस में गाली-गलौच और झगड़ों से बस्तीवासी परेशान होते हैं। इस कार्रवाई पर लोगों ने राहत महसूस की है।
फिलहाल पुलिस महज शांति भंग में कार्रवाई कर इसे रोकने का प्रयास कर रही है।