एनआरसी/सीएए के विरुद्ध उदयपुर बन्द के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज पर उच्च न्यायालय का नोटिस !
एनआरसी/सीएए के विरुद्ध बहुजन क्रांति मोर्चा के भारत बंद के आह्वान पर 29 जनवरी 2020 को उदयपुर में उपद्रवियों पर पुलिस लाठीचार्ज पर राजस्थान उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को नोटिस भेज जवाब तलब किया है। इसके साथ ही पुलिस को किसी भी याचिकाकर्ता के खिलाफ एक्शन नही लेने/ गिरफ्तार नही करने का निर्देश दिए गए है।
उदयपुर बन्द के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज करने व लोगो के विरुद्ध दर्ज एफआईआर को खारिज करने के लिए राजस्थान उच्च न्यायालय में दायर याचिका की बुधवार को सुनवाई हुई।याचिकाकर्ता पी.आर. सालवी एडवोकेट व अन्य की ओर से अधिवक्ता मनन मेहनोट ने न्यायालय में बताया कि 29 जनवरी को भारत बंद के दौरान याचिकाकर्ता शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे कि पुलिस ने अकारण लाठियां भांजी एवं याचिकाकर्ताओं के विरुद्ध विभिन्न थानों में एफआईआर दर्ज कर ली जो कि पूरी तरह से गलत है । एफआईआर निरस्त करने का आदेश दिया जाये।हाइकोर्ट में अधिवक्ता ने कहा कि पुलिस ने शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे लोगो पर अकारण लाठीचार्ज किया जबकि शांतिपूर्ण आंदोलन करना संवेधानिक अधिकार है।
इस पर *जस्टिस मनोज कुमार गर्ग* ने *राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया साथ ही पुलिस को इन सभी याचिकाकर्ताओं के खिलाफ किसी तरह का एक्शन नही लेने एवं गिरफ्तार नही करने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने केस डायरी तथा इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा हैं।
बहुजन क्रांति मोर्चा के प्रवक्ता एवं याचिकाकर्ता एडवोकेट पीआर सालवी ने बताया एनआरसी और सीएए के विरुद्ध बहुजन क्रांति मोर्चा के आह्वान पर 29 जनवरी को भारत बंद के तहत उदयपुर में भी बहुजन क्रांति मोर्चा,राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा, मुस्लिम महासंघ,भीम आर्मी,डॉ. अम्बेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी सहित अन्य दर्जनों सामाजिक जनसंगठनों के संयुक्त तत्वावधान में उदयपुर बन्द की शांतिपूर्ण तरीके से बन्द की अपील के दौरान पुलिस ने देहलीगेट और कलेक्टरी पर लाठीचार्ज कर दर्जनों लोगों को गम्भीर चोटे कारित की और सूरजपोल व भूपालपुरा थानों में 88 जनों के विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज कर दिये।
एडवोकेट पीआर सालवी ने बताया कि 29 जनवरी उदयपुर बन्द के दौरान अकारण पुलिस लाठीचार्ज से पीड़ित सभी लोगो ने माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय की शरण ली गई एवं माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय ने बुधवार को पी.आर. सालवी एडवोकेट व अन्य बनाम स्टेट ऑफ राजस्थान में सुनवाई करते हुए माननीय उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार व पुलिस को निर्देश देते हुए एफआईआर नम्बर 42 /20* धारा 143,149,186,188,283 भादस थाना सूरजपोल एवं एफआईआर नम्बर 25 /20 धारा 332,353,147,149,336,504 भादस थाना भूपालपुरा में दर्ज एफआईआर में पुलिस को कोई एक्शन नही लेने एवं गिरफ्तार नही करने का निर्देश दिया।