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Current News / अमरूद महोत्सव एवं कृषि तकनीकी मेला-2026 — महोत्सव किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर करने का मार्ग प्रशस्त करेगा — लोकसभा अध्यक्ष — कृषि मंत्री ने सवाई माधोपुर में 150 करोड़ रुपये की लागत के अमरूद प्रोसेसिंग प्लान्ट की घोषणा की

clean-udaipur अमरूद महोत्सव एवं कृषि तकनीकी मेला-2026 — महोत्सव किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर करने का मार्ग प्रशस्त करेगा — लोकसभा अध्यक्ष — कृषि मंत्री ने सवाई माधोपुर में 150 करोड़ रुपये की लागत के अमरूद प्रोसेसिंग प्लान्ट की घोषणा की
Aayushman Bhatt January 19, 2026 08:46 AM IST
जयपुर, 18 जनवरी। सवाई माधोपुर का अमरूद आने वाले दिनों में क्षेत्र के किसानों के मीवन में मिठास और खुशहाली लाएगा। राज्य सरकार जिले में अमरूद का प्रोसेसिंग प्लान्ट लगवाएगी, जिससे देश-विदेश में इस फल और इससे बने उत्पादों की मांग बढ़ेगी और किसान की आय बढ़ेगी। देश में पहली बार आयोजित अमरूद महोत्सव इसी दिशा में प्रयासों का पहला कदम है। इसके सुखद परिणाम जल्द ही दिखने लगेंगे। लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला और  कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने रविवार को सवाई माधोपुर के दशहरा मैदान में अमरूद महोत्सव का उद्घाटन किया और ये उद्गार व्यक्त किए।    
 
महोत्सव में श्री बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की किसानों की आमदनी बढ़ाने की सोच के अनुसार काम करते हुए राज्य सरकार कृषि उत्पादन बढ़ाने, बेहतर प्रसंस्करण और विपणन  के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इन्ही प्रयासों की कड़ी में देश में पहली बार अमरूद महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसमें देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से किसानों, कृषि उत्पाद व्यापारियों और कृषि यंत्र एवं तकनीक से जुड़े विशेषज्ञों को साझा मंच उपलब्ध कराया गया है ताकि वे अपने अनुभवों को साझा कर इस क्षेत्र को प्रगति के पथ पर अग्रसर कर सकें।
 
अमरूद सस्ता और स्वास्थ्य-वर्धक, महोत्सव से इसकी जानकारी बढ़ेगी - 
 
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि अमरूद एक सस्ता फल है लेकिन बहुत अधिक स्वास्थ्य-वर्धक है। अमरूद महोत्सव जैसे आयोजन के जरिए लोगों को इस फल के स्वास्थ्य से जुड़े लाभों के बारे में जानकारी मिलेगी। इससे बनने वाले अचार, जूस, पल्प, मिठाई आदि भी इस मेले में प्रदर्शित किए गए है। उन्होंने कहा कि यहां अमरूद के लाभ, इसकी खेती की नई तकनीक और उन्नत किस्मों तथा प्रसंस्करण की विधियों की जानकारी का आदान— प्रदान हो रहा है। डॉ. किरोडी लाल  ने सवाई माधोपुर में अमरूद का प्रोसेसिंग प्लान्ट लगाने की घोषणा की है। जब किसी कृषि उत्पाद का संवर्धन होता है, तभी किसान की वास्तविक आय बढ़ती है। इस प्रकार यह आयोजन क्षेत्र के अमरूद के किसानों की जिन्दगी बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
 
सवाई माधोपुर का अमरूद यहीं पर खपने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की — 
 
कृषि मंत्री डॉ. मीणा ने बताया कि राज्य सरकार जल्द ही सवाई माधोपुर में 150 करोड़ रुपये की लागत से अमरूद प्रोसेसिंग प्लान्ट स्थापित करेगी। राजस्थान में कुल 14 हजार हैक्टेयर अमरूद के बगीचों में से 11 हजार हैक्टेयर अकेले इस जिले में हैं।  सवाई माधोपुर का अमरूद यहीं पर खपने की जिम्मेदारी श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पूरी सरकार की है।
 
डॉ. मीणा ने कहा कि राजस्थान में अमरूद किसानों की इस फल से आमदनी सालाना करीब 600-700 करोड़ रुपये है। सरकार का लक्ष्य किसानों की आमदनी को 1500-1600 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष करना है। सवाई माधोपुर के किसानों को अपना फल बेचने के लिए दिल्ली, बड़ौदा आदि जगहों पर नहीं जाना पड़े, इसलिए प्रोसेसिंग यूनिट की सख्त आवश्यकता है। प्रोसेसिंग प्लान्ट लगने से आस-पास के जिलों के साथ ही पड़ोसी प्रदेशों के अमरूद के किसानों को भी लाभ होगा। राज्य सरकार आने वाले समय में सवाई माधोपुर में 600 करोड़ रुपये की लागत के विकास कार्य करवाएगी । इससे जिले में सिंचाई के लिए भी अतिरिक्त पानी उपलब्ध हो सकेगा।
 
उन्होंने कहा कि इस वर्ष मानसून के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों का काफी नुकसान हुआ। इससे बचाव के लिए सूरवाल बांध के पानी को बनास नदी में छोड़ने के लिए 110 करोड़ रुपये की लागत से एक चैनल बनाया जाएगा। किसान एक दूसरे से संवाद करें, योजनाओं का लाभ लें — डॉ. मीणा ने  महोत्सव में आए किसानों और अन्य प्रतिभागियों से इस आयोजन का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसान कृषि यंत्रों, बागवानी, उत्पादों के प्रसंस्करण से जुड़े उद्यमियों और वैज्ञानिकों आदि के साथ संवाद करें और यहां लगी लगभग 250 स्टॉल्स को देखकर एक दूसरे से उन्नत कृषि की तकनीकी और किस्मों के महत्व पर संवाद करें। उन्होंने राज्य तथा केन्द्र सरकार की कृषि एवं पशुपालन से जुड़ी योजनाओं, विशेषकर फसल बीमा और मंगला पशु बीमा योजना का लाभ लेने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की “पर ड्रॉप, मोर क्रॉप” योजना के जरिए राजस्थान में सिंचित क्षेत्र को 25 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य है।
 
डूंगरी बांध से सवाई माधोपुर में सबसे अधिक सिंचाई क्षेत्र बढेगा— डॉ. किरोड़ी लाल ने कहा कि ईआरसीपी, जिसे अब संशोधित पीकेसी (पार्वती-कालीसिंध-चम्बल) योजना कहा जाता है, का सबसे अधिक लाभ सवाई माधोपुर जिले को होगा। योजना से 17 जिलों में पीने का पानी उपलब्ध होगा और सिंचाई क्षेत्र में 4.03 लाख हैक्टेयर की वृद्धि होगी। 15 प्रतिशत पानी उद्योगों के लिए भी उपलब्ध होगा। सवाई माधोपुर-करौली में सिंचित क्षेत्र बढ़कर 1.60 लाख हैक्टेयर हो जाएगा। उन्होंने कहा कि डूंगरी बांध से केवल 9 गांव विस्थापित होंगे और उन गांवों की पूरी आबादी को सुव्यवस्थित घर, बिजली, पानी सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध होगी। डॉ. मीणा ने बताया कि डूंगरी बांध इस परियोजना का सबसे बड़ा बांध है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने इस योजना के लिए 90 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा है।
 
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और कृषि मंत्री डॉ. मीणा ने विभिन्न स्टॉल पर अमरूदों की किस्मों, इससे बने उत्पादों और नई कृषि तकनीकों के बारे में किसानों, उद्यमियों तथा वैज्ञानिकों से जानकारी ली और उनके विशिष्टताओं पर चर्चा की।
 
उद्घाटन कार्यक्रम में जिला कलक्टर श्री काना राम, पूर्व विधायक श्री मानसिंह गुर्जर,अतिरिक्त निदेशक कृषि देशराज ने भी महोत्सव के उद्देश्य के बारे में जानकारी दी। स्थानीय पद दंगल कलाकारों ने अपने पारंपरिक अंदाज में सभी अतिथियों का संगीत— नृत्य से स्वागत किया। 
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