सुखाड़िया सर्किल के फ़व्वारे 6 महीने से बंद, नगर निगम जानते हुए नहीं करवा पायी सही !
सुखाड़िया सर्किल 1968 में बनाया गया था और 1970 में जनता के लिए खोला गया था। इसका नाम राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और उदयपुर के मूल निवासी स्वर्गीय मोहन लाल सुखाड़िया के नाम पर रखा गया था।फाउंटेन 21 फीट लंबा है और मार्बल स्टोन से निर्मित है और फाउंटेन गेहूँ की बालियों की आकृति के आकार का है, जो क्षेत्र में समृद्धि लाने के लिए माना जाता है।रात में फव्वारा रंगीन रोशनी के साथ जलाया जाता है और यह अपने आकर्षण के साथ दूर से जनता को आकर्षित करता है।
लेकिन ये आकर्षण नगर निगम उदयपुर की मेहरबानी से धूमिल होता चला जा रहा है। सुखाड़िया सर्किल के फ़व्वारे विगत 6 महीने से ज्यादा समय से बंद पड़े हुए है। ऐसा नहीं है कि नगर निगम उदयपुर को इस बावत जानकारी नहीं है। निगम अधिकारियों से बात करने पर पता चला कि नगर निगम के विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बंद पड़े फ़व्वारे के लिए अपने सीनियर सहित महापौर को 6 महीने पहले ही बता दिया गया था लेकिन नगर निगम उदयपुर अभी तक इन फव्वारों की सुध नहीं ले पाया।
नगर निगम के विद्युत विभाग के अधिकारी रितेश पाटीदार के अनुसार फव्वारों के पाइप गल गए है जिसे दुरुस्त करने में फव्वारों के टूटने का खतरा है लेकिन इसे हम निगम की अकर्मण्यता ही कहेंगे जो उदयपुर की शान सुखाड़िया सर्किल को छह महीने तक दुरुस्त नहीं करवा पाए। फिलहाल सुखाड़िया सर्किल का पानी बदबू मारता रहता है और पार्क के गार्डन के हाल दयनीय है। उदयपुर आने वाला पर्यटक सुखाड़िया सर्किल से एक न एक बार जरूर गुजरता है और बंद पड़े सुखाड़िया सर्किल के फव्वारों को देख आगे बढ़ जाता है।
फव्वारों की सिटी उदयपुर के अधिकतर गार्डन के फव्वारे नगर निगम की अकुशलता से ज्यादातर समय बंद पड़े रहते है और इसका गवाह हर उदयपुरवासी है।